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Monday, April 1, 2024

उन्हें अपने बेटे-बेटियों की चिंता', कांग्रेस के बाद DMK पर भी बरसे PM मोदी; बोले- वो एक पारिवारिक यूनिट

उन्हें अपने बेटे-बेटियों की चिंता', कांग्रेस के बाद DMK पर भी बरसे PM मोदी; बोले- वो एक पारिवारिक यूनिट

 उन्हें अपने बेटे-बेटियों की चिंता', कांग्रेस के बाद DMK पर भी बरसे PM मोदी; बोले- वो एक पारिवारिक यूनिट


कच्चाथीवू द्वीप मुद्दे को लेकर एक बार फिर पीएम मोदी ने प्रतिक्रिया दी है। इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने डीएमके पर सवाल उठाए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि डीएमके ने तमिलनाडु के हितों की रक्षा के लिए कुछ भी नहीं किया है सिर्फ बयानबाजी की है। पीएम ने कहा कि उन्हें केवल इस बात की परवाह है कि उनके अपने बेटे और बेटियां ही आगे बढ़ें।


Katchatheevu Island Issue: कांग्रेस के बाद DMK पर भी बरसे PM मोदी 

कच्चाथीवू द्वीप मुद्दे को लेकर एक बार फिर पीएम मोदी ने प्रतिक्रिया दी है। इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने डीएमके पर सवाल उठाए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि डीएमके ने तमिलनाडु के हितों की रक्षा के लिए कुछ भी नहीं किया है, सिर्फ बयानबाजी की है।

DMK पर बरसे पीएम मोदी

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने कहा, 'डीएमके ने बयानबाजी के अलावा तमिलनाडु के हितों की रक्षा के लिए कुछ भी नहीं किया है। कच्चाथीवू द्वीप पर सामने आई नई रिपोर्ट ने डीएमके केडबल स्टैंडर्ड को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। कांग्रेस और डीएमके सिर्फ पारिवारिक यूनिट हैं। उन्हें केवल इस बात की परवाह है कि उनके अपने बेटे और बेटियां ही आगे बढ़ें। उन्हें किसी और की परवाह नहीं है। कच्चाथीवू पर उनकी उदासीनता ने हमारे गरीब मछुआरों और महिलाओं के हितों को नुकसान पहुंचाया है।'

पीएम मोदी ने दिवंगत डीएमके सांसद एरा सेझियान के एक बयान को भी शेयर किया। जिसमें उन्होंने तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार द्वारा हस्ताक्षरित भारत-श्रीलंका समुद्री समझौते पर नाराजगी जताई थी।
पीएम मोदी ने की थी कांग्रेस की आलोचना

प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब उन्होंने साल 1974 में इंदिरा गांधी सरकार के कार्यकाल के दौरान श्रीलंका को कच्चाथीवू द्वीप देने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था। प्रधानमंत्री मोदी ने एक रिपोर्ट शेयर करते हुए कहा था कि कांग्रेस पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर अपने शासन के वर्षों के दौरान भारत की एकता, अखंडता और हितों को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।

Sunday, December 22, 2019

40 प्रदर्शनकारी दिल्ली कोर्ट के आदेश पर देर रात छोड़े गए

40 प्रदर्शनकारी दिल्ली कोर्ट के आदेश पर देर रात छोड़े गए

दिल्ली गेट से हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को कोर्ट के आदेश के बाद छोड़ दिया गया है. चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के बाद 40 प्रदर्शनकारियों को दरियागंज पुलिस स्टेशन से रिहा कर दिया गया है. कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि वह हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों का इलाज कराए और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है हिरासत में लिए गए नाबालिग प्रदर्शनकारियों का मामला जुवेनाइल जस्टिस लॉ के तहत निपटाया जाए.इससे पहले प्रदर्शनकारियों को रिहा करने के लिए लोग दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठे. इसमें जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों के अलावा हिरासत में लिए गए लोगों के परिजन भी शामिल हुए. इनके अलावा कुछ स्थानीय लोग भी इस धरना प्रदर्शन में शामिल रहे. इनकी मांग थी कि दरियागंज इलाके में स्थित दिल्ली गेट से हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाए

Wednesday, December 4, 2019

कैबिनेट सचिव ने देश में प्याज की कीमतों के मुद्दे की समीक्षा की

कैबिनेट सचिव ने देश में प्याज की कीमतों के मुद्दे की समीक्षा की

नई दिल्ली: कैबिनेट सचिव  राजीव गौबा ने आज देश भर में प्याज की बढ़ती कीमतों के मुद्दे की समीक्षा के लिए सचिवों की समिति की एक बैठक की अध्यक्षता की।
प्याज के 11 बड़े उत्पादक राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हुई बैठक में कैबिनेट सचिव को प्याज की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए राज्यों द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी दी गई।
महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुख्य सचिवों ने इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया।
कैबिनेट सचिव ने राज्यों को निर्देश दिया कि प्याज की अस्थायी कमी और कीमतों को स्थिर रखने के मद्देनजर इसकी उपलब्धता बढ़ाई जानी चाहिए। केंद्र पहले ही मौजूदा सीजन में प्याज के निर्यात की अनुमति न देने का फैसला कर चुका है।
राज्यों को उपयुक्त बफर स्टॉक बनाए रखने, व्यापारियों के लिए जमा सीमा निर्धारित करने और जमाखोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
श्री राजीव गौबा ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस स्थिति से उबरने के लिए 29 नवंबर से प्याज के 11000 मीट्रिक टन आयात को मंजूरी दी है। इसकी आपूर्ति दिसंबर के अंतिम सप्ताह में होने की संभावना है।
यह आयात 22 नवंबर, 2019 को मिस्र से 6090 मीट्रिक टन प्याज का आयात करने के सरकार के फैसले के अतिरिक्त होगा। मिस्र से प्याज की आपूर्ति दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक हो जाने की संभावना है।
कैबिनेट सचिव ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे प्याज की खरीद और किफायती दामों पर उसके वितरण के लिए अपने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का इस्तेमाल करें।
इस बैठक में उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय में सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में सचिव, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण सचिव समेत भारत सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

Wednesday, November 20, 2019

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्‍ली के 32वें स्‍थापना दिवस समारोह में भाग लिया

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्‍ली के 32वें स्‍थापना दिवस समारोह में भाग लिया

नई दिल्‍ली: केंद्रीय संस्‍कृति एवं पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार)  प्रह्लाद सिंह पटेल ने आज नई दिल्‍ली में इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के 32वें स्‍थापना दिवस समारोह में मुख्‍य अतिथि के तौर पर भाग लिया। इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री पटेल ने कहा कि कला और संस्‍कृति की समाप्‍त हो रही शैलियों के संरक्षण में निभाई जा रही अपनी भूमिका के लिए आईजीएनसीए का अपार महत्‍व है। उन्होंने इस अवसर पर 20 नई पुस्तकों और 6 डीवीडी का भी विमोचन किया। इस समारोह में अन्‍य लोगों के अलावा संयुक्त सचिव (संस्कृति) श्रीमती निरुपमा कोतरू, राष्‍ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय के महानिदेशक, श्री अद्वैत गडनायक और आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने भाग लिया।

इस अवसर पर प्रदर्शनियों का भी आयोजन किया गया है। पहली प्रदर्शनी महात्मा गांधी पर आधारित है, जिसमें एलिजाबेथ सैस ब्रूनर और उनकी बेटी एलिजाबेथ ब्रूनर के तैल चित्र प्रदर्शित किए गए हैं। तीन चित्र 1932 से 1961 के बीच बनाए गए थे। एक फोटो प्रदर्शनी डीआरडी वाडिया और शंभू शाह की है जिन्होंने महात्मा गांधी के जीवन के कई पहलुओं के फोटोग्राफ लिए थे। एक अन्य प्रदर्शनी तीजी त्योहार पर केंद्रित है, तीजी नेपाल और तिब्बत के मस्तंग क्षेत्र का महत्वपूर्ण त्योहार है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत पर आधारित है। इसके अलावा सुप्रसिद्ध भारतीय अकार्डियन हनोक डेनियल्स ने अपनी बेजोड़ प्रस्‍तुति पेश की।

Sunday, November 17, 2019

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने दिल्ली हाट में राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव ‘आदि महोत्सव 2019’ का उद्घाटन किया

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने दिल्ली हाट में राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव ‘आदि महोत्सव 2019’ का उद्घाटन किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज यहां नई दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव ‘आदि महोत्सव 2019’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की संकल्पना से देश के 40% भूभाग और 8% जनसंख्या का प्रतिनिधित्‍व करने वाले आदिवासी समाज को एक मंच प्रदान किया जहां वो अपनी संस्‍कृति का प्रदर्शन कर सकें। उन्‍होंने भगवान बिरसा मुंडा को याद करते हुए कहा कि आदिवासी समाज का स्‍वतंत्रता आदोलन में महत्‍वपूर्ण योगदान रहा है, जिन्‍होंने देश में अंग्रेजों के खिलाफ सबसे पहले आंदोलन का मार्ग प्रशस्त किया। उन्‍होंने कहा कि किसी को मालूम भी नहीं होगा कि आदिवासी समाज के जनजाति समाज की स्वतंत्रता आंदोलन में कितनी बड़ी भूमिका रही। श्री शाह ने भगवान बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती आदि का जिक्र करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 180 करोड रुपए खर्च कर आदिवासी स्वतंत्रा सेनानियों के इतिहास को डिजिटल संग्रहालय के रूप में संग्रहित करने का काम किया। श्री शाह ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज को एक नई दिशा देने का काम किया यही कारण है कि इतने सालों के बाद भी न केवल आदिवासी समाज बल्कि पूरा देश उनको भगवान बिरसा मुंडा के नाम से बड़ी श्रद्धा और आदर के साथ सम्‍मान देता है। श्री शाह का कहना था कि मैं यहां देशभर से आए हुए सभी हस्तकला कर्मी और कलाकारों के बीच आकर बहुत आनंद महसूस कर रहा हूं।

श्री अमित शाह ने कहा कि हो सकता है कि आदिवासी समाज के पास संसाधन कम हों, उसके पास रहने की सुविधा न हो किंतु उसके आनंद में कमी नहीं होती इसका प्रमुख कारण यह है कि वह प्रकृति के सहारे जीने में विश्‍वास रखता है। उनका कहना था कि आज प्रकृति के शोषण का परिणाम है कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के कारण प्रदूषण बढता जा रहा है लेकिन आदिवासी समाज के कारण देश का इतना बड़ा वन क्षेत्र संरक्षित है, संवर्धित है। उन्‍होंने कहा कि मैं आज यहां आया हूं तो देश भर के करोड़ो आदिवासी भाइयों, बहनों को श्री नरेंद्र मोदी जी की ओर से आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपका विकास नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकता है, आप की संस्कृति को जरा भी क्षत-विक्षत करे बगैर आप का विकास हो, आपके जीवन स्तर को बढ़ाया जा सके ऐसा प्रयास किया जाता रहेगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र देश का फेफड़ा है और देश को ऑक्सीजन सप्लाई करने का काम करता है। उनका कहना था कि आज शुभारंभ किए जा रहे इस मेले का टर्नओवर कम हो सकता है किंतु प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आदिवासी समाज को प्राथमिकता के साथ मंच प्रदान करने का काम किया है जो उनकी जीवन शैली, उनकी संस्‍कृति के प्रचार-प्रसार में महत्‍वपूर्ण कदम होगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि देश की आजादी को 70 साल हो गए किंतु लंबे समय तक आदिवासी जनजाति समाज का उपयोग केवल वोट बैंक के रूप में किया गया परंतु 2014 में जब भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई तब  जनजाति समाज को उजाला मिला, शिक्षा मिली। श्री शाह ने कहा कि अच्‍छी जीवन शैली पर सभी का समान अधिकार है जिसे श्री नरेंद्र मोदी ने सुनिश्चित किया।
उन्‍होंने सभी को रहने के लिए घर, हर गरीब को 500000 तक की स्वास्थ्य की सारी सुविधाएं उपलब्‍ध कराने का काम किया गया है जिसका सबसे बड़ा फायदा जनजाति समाज को होने वाला है। उनका कहना था कि जनजाति समाज के घर की महिलाओं को शर्म महसूस न करनी पड़े इसलिए शौचालय का निर्माण कराया गया। उसके घर में बिजली तथा बच्चे की अच्छी पढ़ाई-लिखाई आदि की व्‍यवस्‍था की गई। उन्‍होंने कहा कि आदिवासी समाज के लिए बजट का आवंटन 2012-13 में 3800 करोड़ के आसपास था जिसे बढाकर 2019-20 में 6894 करोड़ किया गया। श्री नरेंद्र मोदी जी ने 5 साल के अंदर सारे काम कर देशभर के अंदर आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने का काम किया। उन्‍होंने सरकार की विभिन्‍न योजनाओं का भी जिक्र किया जिनमें एकलव्य मॉडल स्कूल बनाना भी शामिल रहा। 
श्री अमित शाह ने कहा कि सरकार दीनदयाल उपाध्याय के अन्‍त्‍योदय पर काम कर रही है और उसका मानना है कि देश के खजाने पर गरीब का सबसे पहला अधिकार है। श्री नरेंद्र मोदी सरकार आदिवासियों के कल्याण के लिए संकल्‍परत है।
महोत्सव की थीम ‘जनजातीय संस्कृति, शिल्प, पाक कला और व्यापार की भावना का समारोह’ है। इस अवसर पर श्री अर्जुन मुंडा, जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह सरूता, ट्राइफेड के अध्यक्ष श्री आर.सी. मीणा, जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव श्री दीपक खांडेकर और ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीण कृष्ण समेत कई गणमान्‍य व्‍यक्ति उपस्थित रहे।
उत्सव में जनजातीय हस्तशिल्प, कला, चित्रकला, वस्त्र, आभूषण इत्यादि की प्रदर्शनी और बिक्री की जाएगी। इसके लिए लगभग 210 स्टॉल लगाए गए हैं। विभिन्न राज्यों से 1000 से अधिक जनजातीय दस्तकार और कलाकार इसमें हिस्सा लेंगे। आयोजन में लघु भारत की छवि नजर आएगी। आयोजन में जम्मू कश्मीर, तमिलनाडु, गुजरात, नगालैंड और सिक्किम के शिल्पकारों का विशेष आकर्षण रहेगा। जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन ट्राइफेड ने ‘आदि महोत्सव – राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव’ का आयोजन शुरू किया है, ताकि महानगरों और राज्य की राजधानियों के बाजारों तक बड़े दस्तकारों और महिला शिल्पकारों की पहुंच बन सके।


Sunday, August 12, 2018

रायगढ़ : बच्चों को सुरक्षित करने के लिए मीजल्स एवं रूबैला टीकाकरण आवश्यक-मुख्यमंत्री डॉ.सिंह

रायगढ़ : बच्चों को सुरक्षित करने के लिए मीजल्स एवं रूबैला टीकाकरण आवश्यक-मुख्यमंत्री डॉ.सिंह

तारापुर के ग्रामवासियों ने सुना रमन के गोठ


 रायगढ़, रेडियो मासिक वार्ता रमन के गोठ की 36 वीं कड़ी को आज रायगढ़ के तारापुर ग्राम के निवासियों ने तन्मयतापूर्वक सुना। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस, विश्व आदिवासी दिवस, हरेली, नागपंचमी, पारसी नववर्ष, ओणम, एवं रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें एक ओर हमें महान देश के नागरिक होने का बोध कराते है वहीं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी सचेत करते हैं।
    मुख्यमंत्री डॉ.सिंह ने कहा कि हमारे देश में एक साल में लगभग 1 लाख बच्चों की मृत्यु खसरा एवं रूबैला बीमारी के कारण होती है। यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के खांसने एवं छींकने से फैलता है। उन्होंने कहा कि रूबैला रोग महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान भी हो सकता है। भारत शासन ने खसरा एवं रूबैला के टीकाकरण का अभियान आरंभ किया है। छत्तीसगढ़ में करीब 85 लाख बच्चों को सुरक्षित करने के लिए सभी शासकीय निजी स्कूलों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में खसरा एवं रूबैला के टीके लगाए जायेंगे। उन्होंने कहा कि सभी स्वयंसेवी संस्थाओं एवं चिकित्सकों में संगठन के सहयोग से इस अभियान को सफल बनायेंगे। जिस तरह सबने मिलकर पोलियो को हटाया था उसी तरह मीजल्स एवं रूबैला को भी हटायेंगे।
    उन्होंने कहा कि संचार क्रांति योजना (स्काई)के तहत 50 लाख स्मार्ट फोन का वितरण किया जा रहा है एवं 50 लाख में से 40 लाख स्मार्ट फोन महिलाओं को दिए जायेंगे। अब इसमें थर्ड जेंडर को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि बरसात के मौसम में पीलिया, डेंगू, मलेरिया आदि मौसमी बीमारियों से सावधान रहे। उन्होंने बताया कि इसके मितानिनों को प्रशिक्षित करते हुए आरडी किट, मलेरिया रोधी दवा, एसीटी एवं क्लोरोक्वीन की दवा की भी उपलब्ध करायी गए थे। उन्होंने कहा कि खनिज न्यास निधि डीएमएफ के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ को देश में प्रथम स्थान मिला है। छत्तीसगढ़ की गिनती देश के प्रमुख खनिज धारक राज्य के रूप में होती है। इस योजना के तहत पेयजल, स्वास्थ्य, वृद्ध एवं निरूशक्तजन कल्याण, कौशल विकास स्वच्छता आदि उच्च प्राथमिक चिन्हित क्षेत्रों में राशि का उपयोग किया जा रहा है।
     इस अवसर पर ग्रामवासी श्रीमती मेनका सिदार ने कहा कि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉॅ.रमन सिंह द्वारा संचार क्रांति योजना के तहत मोबाइल दिया जाना सराहनीय पहल है। श्रीमती चमेली चौहान ने कहा कि मीजल्स एवं रूबैला टीका की दिशा में किए जा रहे कार्य प्रशंसनीय है। श्रीमती रामेश्वरी पटेल ने कहा कि डेंगू, पीलिया एवं मलेरिया के बचाव के लिए मुख्यमंत्री डॉ. सिंह द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी। इस अवसर पर सरपंच श्रीमती नीता नरेश डनसेना, सचिव श्री महेश राम, सरपंच ग्राम कुर्मीपाली श्री पारसमणि साव, श्री लोचन पटेल, श्री डोलनारायण पटेल, श्री रामलाल पटेल, श्री राजेश डनसेना, करारोपण अधिकारी श्री लाल कुमार पटेल, श्री बुधियारी निषाद सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

Wednesday, May 9, 2018

दिल्ली का अकबर रोड बन गया महाराणा प्रताप रोड

दिल्ली का अकबर रोड बन गया महाराणा प्रताप रोड

दिल्ली में ऐतिहासिक इमारतों, धरोहरों और सार्वजनिक संपत्ति से छेड़छाड़ का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां एक मकबरे को मंदिर में बदलने का मामला सामने आया था तो अब मुगल बादशाह अकबर के नाम पर रखी गई रोड का नाम बदलने की बात सामने आ रही है।
















इससे पहले भी सड़कों के नाम बदलने पर बवाल हो चुका है। पूर्व में औरंगजेब रोड का नाम बदलकर एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग कर दिया गया था। देश के सबसे लोकप्रिय राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी मृत्यु के बाद श्रद्धांजलि देने के लिए ऐसा किया गया था।

यह मामला इंडिया गेट के बगल में अकबर रोड के साइन बोर्ड के साथ हुई छेड़छाड़ का है। किसी ने रातों रात अकबर रोड के साइन बोर्ड पर महाराणा प्रताप रोड का पर्चा चस्पा कर दिया था। इसी अकबर रोड पर कांग्रेस पार्टी का कार्यालय भी स्थित है। माना जा रहा है कि यह पोस्टर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने लगाए हैं। ये सब महाराणा प्रताप की जयंती की वजह से किया गया है। आज महाराणा प्रताप की जयंती है।

एनडीएमसी ने देश के पूर्व राष्ट्रपति को सम्मान देने के लिए यह निर्णय लिया था। वही एनडीएमसी ने 2017 में एक और रोड (डलहोजी रोड) का नाम बदलकर दाराशिकोह रोड कर दिया था। दाराशिकोह औरंगजेब का भाई था। वहीं रेस कोर्स का नाम बदल लोक कल्याण मार्ग किया गया था। तीन मुर्ति  मार्ग का नाम बदलने की भी चर्चा हुई लेकिन यह संभव नहीं हो सका।

Tuesday, September 5, 2017

2 लाख ‘फर्जी’ कंपनियों के बैंक खातों पर बंद, कालेधन पर मुहिम

2 लाख ‘फर्जी’ कंपनियों के बैंक खातों पर बंद, कालेधन पर मुहिम

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने कालेधन के खिलाफ मुहिम तेज करते हुए एक और बड़ी कार्रवाई की है। नोटबंदी के बाद रजिस्ट्रार आॅफ कंपनीज की तरफ से जिन दो लाख कंपनियों को बंद किया था, अब उनके बैंक खातों को भी प्रतिबंधित कर दिया है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से दी गई है। सरकार की कोशिश है कि ये कथित फर्जी कंपनियां किसी हाल में आॅपरेट न कर पाएं। बैंकों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं।


वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी अधिकारिक बयान में कहा है कि 2,09,032 कंपनियों को रजिस्ट्रार आॅफ कंपनीज की तरफ से बंद कर दिया था, ऐसी कंपनियों के डायरेक्टर और अधिकारी अब पूर्व डायरेक्टर और पूर्व अधिकारी बन जाएंगे। इसमें आगे कहा है कि जब तक यह मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल से कानूनी रूप से सुलझ नहीं जाता, तब तक इन कंपनियों के बैंक अकाउंट आॅपरेट नहीं होंगे। वित्त मंत्रालय के अधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी यह जानकारी ट्वीट की गई है।


डिपार्टमेंट आॅफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि इन कंपनियों के खातों को प्रतिबंधित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। साथ ही अन्य कंपनियों को भी चेतावनी देते हुए हुए बयान में कहा गया है कि बैंकों से कहा गया है कि वे अपने कर्मचारियों को कंपनियों के साथ व्यवहार करते समय कर्मठता दिखाएं और उन कंपनियों पर नजर रखें, जो फाईनेंशियल स्टेटमेंट और एन्युअल रिटर्न फाइल करने में गड़बड़ी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से दिए भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी फर्जी कंपनियों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, ‘नोटबंदी के बाद जब डाटा का विश्लेषण किया गया तो 3 लाख ऐसी कंपनियां पार्इं गर्इं, जो सिर्फ हवाला का कारोबार करती थीं। उनमें से पौन 2 लाख कंपनियों पर ताले लटक गए।


Thursday, August 31, 2017

9 साल बाद सेना की वर्दी पहनकर दिखे कर्नल पुरोहित, लोग चौंके

9 साल बाद सेना की वर्दी पहनकर दिखे कर्नल पुरोहित, लोग चौंके

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट से 2008 के मालेगांव ब्लास्ट में जमानत मिलने के बाद कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित की एक तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर में कर्नल पुरोहित काफी खुश दिख रहे हैं। पुरोहित पिछले 9 साल से मुंबई की तलोजा जेल में बंद थे। पिछले हफ्ते ही वह जेल से बाहर आए हैं।

कर्नल पुरोहित को मालेगांव ब्लास्ट और कथित हिंदू आतंकवाद के मामलों में आरोप के बाद गिरफ्तार किया था। मालेगांव ब्लास्ट में अभिनव भारत संगठन का नाम सामने आया था। जमानत मिलने के बाद कर्नल पुरोहित ने कहा था कि वह फिर से देश की सेवा करना चाहते हैं। गिरफ्तारी से पहले पुरोहित मिलिट्री इंटेलिजेंस विंग में अफसर थे। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद विशेष एनआईए अदालत ने उनको छोड़ने का आदेश जारी किया था।

29 सितंबर 2008 को हुआ था धमाका
महाराष्ट्र के मालेगांव में 29 सितंबर 2008 को हुए ब्लास्ट में 7 लोगों की मौत हो गई थी। इस दौरान हमीदिया मस्जिद के पास रखी बाइक में धमाका हुआ था। इसी केस में एक अन्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा को भी बेल मिल चुकी है।  मालेगांव ब्लास्ट की जांच पहले महाराष्ट्र एटीएस के पास थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को बाद में मामले की जांच सौंपी गई। 8 साल 9 महीने तक कर्नल पुरोहित जेल में बंद रहे। सुप्रीम कोर्ट में याचिका से पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी थी। पुरोहित पर धमाकों के लिए बम सप्लाई का आरोप है।

कर्नल पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिली है। अदालत की मंजूरी के बिना वे देश नहीं छोड़ सकते हैं। उनका पासपोर्ट भी कोर्ट के पास जमा रहेगा। अदालत ने पुरोहित को ये भी निर्देश दिए हैं कि वह मामले के गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश न करें।

3 अप्रैल 2011 को एनआईए ने मालेगांव केस की जांच अपने हाथ में ली। तफ्तीश के दौरान एनआईए ने कर्नल पुरोहित पर लगे मकोका के आरोप हटा लिए। एनआईए की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक एफिडेविट दाखिल किया गया, जिसमें पुरोहित की जमानत याचिका का विरोध किया गया था।

सेना ने अपनी कोर्ट आॅफ इन्क्वॉयरी में कहा था कि कर्नल पुरोहित ने मिलिट्री इंटेलिजेंस और आतंरिक आतंकवाद से जुड़ी कई बैठकों में हिस्सा लिया था, जो भोपाल और फरीदाबाद में हुई थीं। जांच के मुताबिक पुरोहित अपनी ड्यूटी के तहत इंटेलिजेंस इकट्ठा कर रहे थे। सेना की ओर से कर्नल पुरोहित को क्लीन चिट दी जा चुकी है।


Wednesday, August 30, 2017

बड़ा फैसला: बैंकों, बीमा और #PSU अफसरों के बच्चों को नहीं मिलेगा आरक्षण

बड़ा फैसला: बैंकों, बीमा और #PSU अफसरों के बच्चों को नहीं मिलेगा आरक्षण

नई दिल्ली। पब्लिक सेक्टर कंपनियों, बैंकों और बीमा कंपनियों में काम कर रहे पिछड़े वर्ग के अधिकारियों के लिए बुरी खबर है। अब उनके बच्चों को सरकारी नौकरियों और एडमिशन में आरक्षण का फायदा नहीं मिल सकेगा। सरकार ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक में ओबीसी आरक्षण के नियमों में अहम बदलाव कर दिया है जिसके बाद अब क्रीमी लेयर में आने वाले लोगों में पीएसयू, बैंक और बीमा कंपनियों के अधिकारी भी शामिल हो गए हैं। क्रीमी लेयर में आने वाले लोगों को आरक्षण नहीं मिलता है। अभी तक क्रीमी लेयर का नियम सिर्फ केंद्र सरकार की नौकरियों में लागू होता था। देश में करीब 300 सरकारी कंपनियां हैं। अगर सरकारी बैंकों और बीमा कंपनियों को भी इसमें शामिल किया जाए तो इस फैसले का असर लाखों परिवारों पर पड़ेगा।

24 सालों से लटका हुआ था फैसला
इस फैसले के बारे में बताते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि ये फैसला पिछले 24 सालों से लटका हुआ था और इन संस्थानों में काम करने वाले ऐसे वरिष्ठ अधिकारियों के बच्चे भी आरक्षण का गलत फायदा उठा रहे थे जिन्हें दरअसल क्रीमी लेयर में आना चाहिए। इसका नतीजा ये होता था कि जिन निचले स्तर के कर्मचारियों के बच्चे आरक्षण पाने के असल में हकदार थे उनका हक मारा जा रहा था। अब नियमों में बदलाव करके इस गलती को सुधार लिया गया है। लेकिन सरकारी कंपनियों, बैंकों और बीमा कंपनियों में पिछले 24 साल से उन पदों की पहचान ही नहीं हो पाई थी जिन्हें क्रीमी लेयर के लायक माना जाए। इसलिए इनमें काम करने वाले तमाम पिछले वर्ग के अधिकारियों के बच्चे भी इसका फायदा उठा रहे थे।

ए ग्रेड के अधिकारी माने जाएंगे
अब सरकार ने उन पदों की पहचान कर ली है उनकी आमदनी चाहे कुछ भी हो, क्रीमी लेयर का हिस्सा माना जाएगा और उनके बच्चों को आरक्षण नहीं मिलेगा। जैसे सरकारी कंपनियों में काम करने वाले मैनेजर, एक्जीक्यूटिव लेवल के अधिकारी अब ए ग्रेड के अधिकारी माने जाएंगे और आरक्षण नहीं मिलेगा। बैंकों, वित्तीय संस्थानों और बीमा कंपनियों में जूनियर मैनेजमेंट ग्रेड स्केल 1 और इसके ऊपर के अधिकारियों के बच्चों को अब आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।

8 लाख से ऊपर क्रीमीलेयर आएंगे
कैबिनेट ने पिछले हफ्ते ही फैसला किया था कि क्रीमी लेयर की सीमा 6 लाख सलाना से बढ़ाकर 8 लाख रुपए कर दी गई है। यानी जिन लोगों की सलाना आय 8 लाख से ऊपर है वो अब क्रीमी लेयर में आएंगे और उनके बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।

कोटे में कोटा पर बनेगी समिति
साथ ही यह फैसला भी किया था कि ओबीसी आरक्षण के कोटे के भीतर कोटा तय करने के लिए एक समिति बनाई जाएगी। यानी वहां भी इरादा यही है कि जो जातियां ओबीसी आरक्षण का सबसे ज्यादा हिस्सा हड़प जा रही हैं उनपर अंकुश लगाया जाए।



मनी लांड्रिंग में फंसे #Minister सत्येंद्र जैन दर्ज होगा केस

मनी लांड्रिंग में फंसे #Minister सत्येंद्र जैन दर्ज होगा केस

नई दिल्ली। दिल्ली की बवाना विधानसभा उपचुनाव से निपटने के बाद अब आम आदमी पार्टी एक नई मुसीबत में फंस गई है।
इससे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, मंत्री सत्येंद्र जैन पर मनी लाड्रिंग का केस दर्ज करने की तैयारी हो चुकी है। विपक्षी दल एक बार फिर से केजरीवाल पर सत्येन्द्र जैन से इस्तीफा लेने का दबाव बना सकते हैं। बता दें कि सीबीआई ने भी जून में उनसे मनी लॉन्ड्रिंग के केस में पूछताछ की थी। 


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक CBI ने जैन पर आरोप है कि वह प्रयास इंफो सलूशंस प्राइवेट लिमिटेड, अकिंचन डिवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और मंगलायतन प्रॉजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिये 2015 और 2016 के दौरान बतौर मंत्री 4.63 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल थे। जैन से जुड़े इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है।


गौरतलब है कि पिछले दिनों आप आदमी पार्टी से बागी हुए दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने सत्येन्द्र जैन पर निशाना साधा था। कपिल ने स्वास्थ्य मंत्रालय में दवा खरीद में 300 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था।


Tuesday, August 29, 2017

आधी रोटी खाकर जेल में #Ram Rahim ने बिताई रात, रातभर सोया भी नहीं

आधी रोटी खाकर जेल में #Ram Rahim ने बिताई रात, रातभर सोया भी नहीं

रोहतक। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दो साध्वियों के यौन शोषण के जुर्म में 20 साल जेल की सजा सुनाई गई है। सजा मिलने के बाद रात राम रहीम पूरी रात जेल के बैरक में जागता रहा और इधर से उधर टहलता रहा। गुरमीत को खाने में 4 रोटी और सब्जी दी गई थी, लेकिन उसने सिर्फ आधी रोटी ही खाई। राम रहीम को जेल प्रशासन ने नया कैदी नंबर 8647 दिया है।

डेरा सच्चा सौदा रहते हुए अरबों की संपत्ति बनाने वाले राम रहीम को माली के अलावा फैक्ट्री में भी काम करना होगा। इसके लिए उसे 40 रुपये रोज का मेहनताना दिया जाएगा। सोमवार की दोपहर सीबीआई की विशेष कोर्ट ने रोहतक जेल में राम रहीम को 20 साल जेल की सजा सुनाई। सजा सुनने के बाद रामरहीम फर्श पर ही बेसुध बैठ गया और माफी मांगने लगा।

दो मामलों में 10-10 साल की जेल।
बता दें कि अपनी दो शिष्याओं के साथ 18 साल पहले दुष्कर्म करने और आपराधिक धमकी देने के जुर्म में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दो मामलों में 10-10 साल जेल की सजा सुनाई गई है।


रामपाल को #Court से बड़ी राहत: 2 मामलों में बरी, चलता रहेगा देशद्रोह का केस

रामपाल को #Court से बड़ी राहत: 2 मामलों में बरी, चलता रहेगा देशद्रोह का केस





हिसार। हरियाणा के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को अदालत से बड़ी राहत मिली है। हिसार कोर्ट ने बाबा रामपाल को दो मामलों में बरी कर दिया है। रामपाल के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और आश्रम के अंदर महिलाओं को बंधक बनाकर रखने के आरोप थे। वैसे बाबा रामपाल इन दोनों मामलों में बरी होने के बाद भी जेल में ही रहेंगे। रामपाल के खिलाफ राष्ट्रद्रोह और हत्या के मामले चलते रहेंगे।

बाबा रामपाल जिन मामलों (केस नंबर 426 और 427) में बरी हुए हैं, वे साल 2014 के हैं। बाबा रामपाल के वकील एपी सिंह ने बताया  कि कोर्ट ने उन्हें 2 मामलों में बरी कर दिया गया है। उन्होंने इसे सत्य की जीत बताया।

जानकारी के मुताबिक, संत रामपाल पर एफआईआर नंबर 426 में सरकारी कार्य में बाधा डालने और 427 में आश्रम में जबरन लोगों को बंधक बनाने का केस दर्ज है। इन दोनों मामलों में संत रामपाल के अलावा प्रीतम सिंह, राजेंद्र, रामफल, विरेंद्र, पुरुषोत्तम, बलजीत, राजकपूर ढाका, राजकपूर और राजेंद्र को आरोपी बनाया गया है।

जेल में बंद रामपाल, हत्या का केस
बताते चलें कि कबीर पंथी विचारधारा के समर्थक संत रामपाल दास देशद्रोह के एक मामले में इन दिनों हिसार जेल में बंद हैं। हिसार के बरवाला में तीन साल पहले हुए विवाद के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। इससे पहले साल 2006 में भी रामपाल पर हत्या का केस दर्ज हुआ था। रामपाल स्वामी रामदेवानंद महाराज के शिष्य हैं।

जानिए, कौन हैं संत रामपाल दास
संत रामपाल दास का जन्म हरियाणा के सोनीपत के गोहाना तहसील के धनाना गांव में हुआ था। पढ़ाई पूरी करने के बाद रामपाल को हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर की नौकरी मिल गई। इसी दौरान इनकी मुलाकात स्वामी रामदेवानंद महाराज से हुई। रामपाल उनके शिष्य बन गए और कबीर पंथ को मानने लगे।

21 मई, 1995 को रामपाल ने 18 साल की नौकरी से इस्तीफा दे दिया और सत्संग करने लगे। उनके अनुयायियों की संख्या बढ़ती चली गई। कमला देवी नाम की एक महिला ने करोंथा गांव में बाबा रामपाल दास महाराज को आश्रम के लिए जमीन दे दी। 1999 में बंदी छोड़ ट्रस्ट की मदद से संत रामपाल ने सतलोक आश्रम की नींव रखी।

2006 में स्वामी दयानंद की लिखी एक किताब पर संत रामपाल ने एक टिप्पणी की। आर्यसमाज को ये टिप्पणी बेहद नागवार गुजरी और दोनों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई। घटना में एक शख्स की मौत भी हो गई। इसके बाद एसडीएम ने 13 जुलाई, 2006 को आश्रम को कब्जे में ले लिया। रामपाल और उनके 24 समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया।

2009 में संत रामपाल को आश्रम वापस मिल गया। उनके खिलाफ आर्य समाज के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। 12 मई, 2013 को नाराज आर्य समाजियों और संत रामपाल के समर्थकों में एक बार फिर झड़प हुई। इस हिंसक झड़प में तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 100 लोग घायल हो गए।

5 नवंबर को पंजाब-हरियाणा कोर्ट ने संत रामपाल के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। 10 नंवबर को संत रामपाल को कोर्ट में पेश होना था, लेकिन संत के समर्थकों ने रामपाल को अस्वस्थ बताकर गिरफ्तारी का आदेश मानने से ही इनकार कर दिया। संत रामपाल कोर्ट में पेश नहीं हुए। इस मामले में हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार और प्रशासन को फटकार लगाई थी।




Monday, August 28, 2017

#Judge के सामने रो पड़े राम रहीम कहा ‘मुझे माफ कर दो’

#Judge के सामने रो पड़े राम रहीम कहा ‘मुझे माफ कर दो’



सिरसा। साध्वी से बलात्कार के आरोप में दोषी ठहराया गए डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाई गई। हमें 10 साल जेल की सजा सुनाई देना। जैसे ही जेल में जज ने फैसला पढ़ना शुरू किया राम रहीम फफक कर रो पड़े और जैसे दरखास्त करते हुए बोले हैं मुझसे गलती हो गई मुझे माफ कर दो। इससे पहले अभियोजन पक्ष नहीं कहा कि गुरमीत राम रहीम को आजीवन कारावास की सजा दी जाए।


टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिरसा में डेरा समर्थकों ने दो गाड़ियां फूंक दीं तो फुल्का में भी उन्होंने जमकर आगजनी की। वैसे मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि इन गाड़ियों में खुद आग लग गई। फिलहाल पुलिस वहां पहुंच गई है और मामले की जांच में जुट गई है। 


Saturday, August 26, 2017

बलात्कार के मामले में जेल गए राम रहीम को मिल रहा VIP ट्रीटमेंट

बलात्कार के मामले में जेल गए राम रहीम को मिल रहा VIP ट्रीटमेंट

रोहतक। साध्वी से बलात्कार के मामले में दोषी करार दिए गए डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के जेल पहुंचते ही उनको VIP ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। उन्हें रोहतक जिले के सुनरिया स्थित एक जेल में रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें अलग सेल में रखा गया है। अन्य कैदियों से इतर राम रहीम के लिए खास बंदोबस्त किए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार जेल में उनके पीने के लिए मिनरल वॉटर का इंतजाम किया गया। बता दें कि पंचकूला स्थित स्पेशल सीबीआई कोर्ट से उन्हें हेलिकॉप्टर से रोहतक लाया गया था।

जेल में उपलब्ध कराया असिस्टेंट
जेल में बाबा राम रहीम को एक असिस्टेंट भी मुहैया कराया गया है जो उनकी जरूरतों का ध्यान रखेगा। इसके अलावा वह जेल में अपने कपड़े पहन सकते हैं जबकि अन्य कैदियों को जेल से मिले कपड़े पहनने होते हैं।


28 अगस्त को तय होगी सजा
रोहतक के उपायुक्त अतुल कुमार ने बताया, 'गुरमीत राम रहीम को (रोहतक के) सुनरिया में एक जेल में रखा गया है। जेल के आसपास सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। सीबीआई के वकील एच पी एस वर्मा के मुताबिक पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत के जज जगदीप सिंह ने गुरमीत को दोषी करार देने के बाद कहा कि दी जाने वाली सजा की अवधि 28 अगस्त को तय की जाएगी 

गुरमीत को दोषी ठहराए जाने के तुरंत बाद सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों ने हंगामा शुरु कर दिया और सुरक्षा बलों के साथ उनकी झड़प हुई, जिसमें कम से कम 30 लोग मारे गए और 250 से ज्यादा जख्मी हुए। पंचकुला में 28 लोगों की जान गई जबकि सिरसा में दो लोगों मारे गए। उपायुक्त ने बताया, ‘रोहतक में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।’