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Wednesday, December 31, 2025

मातृ सत्तात्मक संस्कृति से मिले हैं नारी सम्मान के संस्कार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मातृ सत्तात्मक संस्कृति से मिले हैं नारी सम्मान के संस्कार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 मातृ सत्तात्मक संस्कृति से मिले हैं नारी सम्मान के संस्कार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भाई के घर (मुख्यमंत्री निवास) आई बहनों को मिला सम्मान
भाई के साथ बहनें मनायेंगी आगामी त्योहार
जमीन से आसमान तक सफलतापूर्वक बहनें हैं नंबर वन
भाई का वादा, बहनों को मिलेगा और भी ज्यादा
सरगम के सुरों ने बांधा समां, मुख्यमंत्री ने दिये 51 हजार रूपये
 राज्य सरकार की प्राथमिकता मातृ शक्ति का सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने प्रबुद्ध महिलाओं, आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं और ड्रोन दीदीयों से की आत्मीय चर्चा
बहनों ने मुख्यमंत्री से साझा किये अपने अनुभव और विचार
मुख्यमंत्री निवास पर हुआ "सशक्त और समर्थ नारी" संवाद कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आधी आबादी से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश की सभी माताओं-बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने देश की संसद में आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों और शासकीय सेवाओं में भी 35 प्रतिशत स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में बहनें आज भारतीय सेनाओं में भी शीर्ष पद प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश की बहनें आर्थिक-सामाजिक रूप से संपन्न और आत्मविश्वास से भरी होंइस उद्देश्य से हमारी सरकार ने अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को उद्योग स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जाती है। साथ ही अधिक से अधिक बहनें संपत्ति की मालिक बनेंइसके लिए रजिस्ट्री में अतिरिक्त 2 प्रतिशत छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को 'सशक्त नारी-समर्थ नारीसंवाद कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री निवास पधारी प्रबुद्ध महिलाओंआजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं तथा ड्रोन दीदीयों से आत्मीय चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों के साथ समूह चित्र भी खिंचवाया। बालिका सरगम कुशवाह ने मधुर देशभक्ति गीत प्रस्तुत कियामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी सरगम को 51 हजार रूपए की राशि सम्मान और प्रोत्साहन स्वरूप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहन-बेटियों से इस प्रकार संवाद का क्रम आगामी माहों में भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉयादव ने कहा कि आज महिलाएँ नहीं बहने मेरे घर आयी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की आत्मीयता ने बहनों को भाव विभोर कर दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी सफलता के लिये बड़ी बहन श्रीमती कलावती यादव को श्रेय देते हुए कहा कि बड़ी बहन ने ही उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित करने के साथ आवश्यक सहयोग व प्रोत्साहन प्रदान किया। मां और बहन के संस्कारप्रेम और उनके द्वारा दी गई हिम्मत ही उनके आगे बढ़ने का आधार बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे परिवार में बहू भी बेटी समान हैऔर दोनों ही दुलारस्नेह और सम्मान की बराबर की हकदार हैं। सनातन संस्कृति मातृ सत्ता पर आधारित संस्कृति है। मां ही हम सभी के जीवन मे पहली गुरु होती है। विश्व में भारत ही ऐसा राष्ट्र हैजहां देश को माता के भाव से जोड़ा जाता है। जैसे मां के आंचल में सुख और सुरक्षा का भाव आता हैवैसे ही देश की सत्ता से भी आम आदमी को सुख और सुरक्षा का एहसास होयही हमारा उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ विरासत को संरक्षण प्रदान करते हुए गतिविधियां संचालित की जा रही है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है। प्रदेश में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी मोड) पर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोलने के लिए लीज पर 25 एकड़ भूमि तक उपलब्ध कराई जा रही है। मध्यप्रदेश देश में यह नवाचार करने वाला पहला राज्य है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।। राज्य सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों की एमबीबीएस की 70 से 80 लाख रुपए तक फीस भर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में देहदान और अंगदान को प्रोत्साहन देने के लिए गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा शुरू की गई है। इसका सकारात्मक प्रभाव हुआ है। हमारी सरकार ने ऐलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक एवं पैरामेडिकल क्षेत्र में शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाया है।   

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में महिला उद्यमियों के स्टार्ट-अप में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य हैजो औद्योगिक विकास में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश स्टार्ट-अप्स शुरू करने में अग्रणी हैं। राज्य सरकार ने बीते 2 वर्षों से लगातार स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित कर रही है। इनमें अधिकांश का नेतृत्व प्रदेश की महिला उद्यमी कर रही हैं। राज्य सरकार सूक्ष्म उद्योगलघु एवं कुटीर उद्योग से लेकर हैवी इंडस्ट्री तक महिलाओं को हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। प्रदेश में लागू की गईं 18 नई नीतियों में महिलाओं को केंद्र में रखा गया है। गुजरात मॉडल पर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए भोपाल में पहली बार जीआईएस का आयोजित की गई। उससे पहले संभाग स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की गईं। इन सभी प्रयासों से राज्य को मिले बंपर निवेश और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का लाभ महिलाओं को भी मिल रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत 2 वर्षों में राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक कार्य किए हैं। इसका प्रभाव सभी क्षेत्रों में दिख रहा है। लाड़ली बहना योजना से घरों के वातावरण में बदलाव आया है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का दायित्व महिलाएं निभा रही हैं। जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में महिलाएं पूर्ण दायित्व के साथ चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं का निर्वहन कर रही हैं। शिक्षण संस्थाओं में भी बालिकाएं ही मेरिट लिस्ट में अग्रणी दिखाई देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि राज्य सरकार महिलाओं की प्रगति में हर कदम पर उनके साथ है। राज्य में सप्ताह में 5 दिन कार्यालय लगने से नौकरीपेशा  महिलाओं को सुविधाएं हुई हैं।  

अनूठा आयोजन - सीधा संवाद

प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही बहनों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधा संवाद किया। इस अनूठे आयोजन में स्वास्थ्यशिक्षाटेक्सटाइलव्यापार और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय बहनों ने अपने अनुभवचुनौतियां और नवाचार साझा किए।

संवाद की शुरुआत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह केवल संवाद नहींबल्कि समाज की उस जीवंत परंपरा का विस्तार है जिसमें बहनें जमीन से आसमान तक हर कदम आगे बढ़ते हुए सामाजिकसांस्कृतिक और आर्थिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज नारी शक्ति केवल भागीदार नहींबल्कि नेतृत्व की सक्रिय भूमिका में है।

माँ के दिये संस्कार हैं हमारी धरोहर

मुख्यमंत्री डॉ.  यादव ने बहनों से संवाद करते हुए कहा कि माँ द्वारा दिए गए संस्कार हमारी धरोहर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी माँ का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनकी माँ उनमें और उनके मित्रों में कोई भेद नहीं करती थीं। सबको समान रूप से प्रेम और स्नेह मिलता था। उनका प्रयास है कि माँ के दिये संस्कारों के अनुरूप वे भी कार्य कर सके।

मुख्यमंत्री ने सरगम के सुर को किया सम्मानित, 51 हजार रुपए का दिया नगद पुरस्कार

कार्यक्रम के दौरान बालिका सरगम कुशवाह ने राष्ट्र भक्ति गीत गाया। उसकी सुरमई और आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकृष्ट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरगम की प्रतिभा की सराहना करते हुए उसे कंठ कोकिला कहकर संबोधित किया और 51 हजार रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। सरगम के सुरों से निकले 51 हजार रुपए नन्ही प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनशील सोच को दर्शाते हैं।

हमने प्रशासन की ज़िम्मेदारी दी है नारी शक्ति के हाथ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवाद करते हुए कहा कि आज प्रदेश के 17 जिलों में महिलाएं कलेक्टर हैं। इसके साथ ही प्रदेश के 16 में से 9 नगरीय निकायों में महिलाएं महापौर हैं। इनमें 7321 पार्षदों में 4154 महिलाएं पार्षद हैं। इसी प्रकार 875 जिला पंचायत सदस्यों में 519 महिलाएं और 6771 जनपद पंचायत सदस्यों में 4068 महिलाएं सदस्य हैं। प्रदेश की 22923 ग्राम पंचायतों में 12319 ग्राम पंचायतों में महिलाएं सरपंच हैं। यह मध्यप्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्रदर्शित करता है। इसके अतिरिक्त कई जिलों में एसपीनगर निगम अध्यक्षनगर पालिका अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे दायित्व को बहनें बखूबी संभाल रही हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि आधी आबादी से सीधा संवाद अब नीतियों और प्रशासन में भी दिखने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नारी शक्ति की यह भूमिका समाज को संतुलितसंवेदनशील और मजबूत बनाने में अहम है।

साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी कैंसर मरीजों की कर रही है सेवा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में नवाचार करते हुए नये-नये कीर्तिमान रच रही है। उन्होंने जबलपुर की साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी की चर्चा करते हुए बताया कि वे आध्यात्मिक आश्रम के साथ ही कैंसर मरीजों की सेवा भी कर रही है। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा स्थापित चिकित्सा संस्थान "विराज हास्पिस" में ऐसे कैंसर मरीज आते हैं जो कि अंतिम समय तक आश्रम में ही रहते हैं। ज्ञानेश्वरी दीदी ऐसे मरीजों का उनके अंतिम समय तक उपचार भी कराती है।  

महिला सशक्तिकरण की मिसाल है रतलाम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल रतलाम जिले ने भी कायम की है। जिले में अधिकांश प्रमुख पदों को महिलाएं सुशोभित कर रही हैं। यहाँ कलेक्टर मीसा सिंह, सीईओ जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन, अपर कलेक्टर डॉ. सारणी श्रीवास्तव, उप संचालक कृषि श्रीमती नीलम चौहान, उप संचालक जनसम्पर्क श्रीमती अनुराधा गहरवाल, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती रंजना सिंह, मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. संध्या बेलसेरे, डीन मेडिकल कॉलेज डॉ. अनिता मुथा, उप संचालक सामाजिक न्याय श्रीमती संध्या शर्मा, डिस्ट्रीक कमांडेंड होमगार्ड रोशनी बिलवाल, एसडीएम रतलाम शहर श्रीमती आर्ची और एसडीएम आलोट श्रीमती रचना शर्मा है।

भारतीय वस्त्रों को आधुनिक पहचान दे रहीं दीपाली शर्मा

टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ी दीपाली शर्मा ने संवाद में बताया कि वे और उनकी बहन मिलकर पिछले 12–13 वर्षों से हैंडलूम आधारित परिधान ब्रांड चला रही हैं। बाग प्रिंटचंदेरी फैब्रिकहैंडलूम खादी और पारंपरिक भारतीय वस्त्रों को आधुनिक सिलुएट और कस्टमाइजेशन के साथ नई पीढ़ी तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि उनका कार्य केवल फैशन तक सीमित नहींबल्कि सीधे कारीगरों से जुड़कर हैंडलूम को सशक्त करना है। उनके संस्थान में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं कार्यरत हैंजिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बहनों को रोजगार मिल रहा है। भारतीय पारंपरिक परिधानों की वैश्विक मांग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनके उत्पाद देश-विदेश में पसंद किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही वे मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू कर और अधिक महिलाओं को मंच उपलब्ध कराएंगी।

परंपरा से आधुनिकता तक - श्रीमती रेनू नायक

भोपाल की उद्यमी सुश्री रेनू नायक ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि सोच स्पष्ट हो और दृष्टि नवाचारीतो परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम संभव है। रेनू नायक सिग्नेचर बुटीक का संचालन करती हैंजहाँ वे आने वाली पीढ़ी को ध्यान में रखते हुए नए और समकालीन डिज़ाइन के परिधान तैयार करती हैं। उनकी विशेषता यह है कि वे प्राचीन महेश्वरी और बाग बटिक जैसे पारंपरिक प्रिंट्स को आधुनिक वेस्टर्न परिधानों के साथ सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रही हैं। रेनू नायक का मानना है कि भारतीय और पारंपरिक वस्त्र केवल विरासत नहींबल्कि आज की फैशन इंडस्ट्री की सशक्त पहचान भी बन सकते हैं। इसी सोच के साथ वे शासकीय एम्पोरियम मृगनयनी जैसे प्रतिष्ठित मंचों के साथ भी कार्य कर रही हैंजिससे स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक कला को व्यापक पहचान मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार मानते हुए कहा कि क्षेत्रीय कॉन्क्लेवएमएसएमई संवाद और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसी पहलें नवोदित उद्यमियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक हैं। मुख्यमंत्री का सकारात्मक संवाद और उद्यमियों के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण प्रदेश में नए व्यवसायों को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देता है।

स्वास्थ्य सेवा में जन-आंदोलन बना मुक्त’ अभियान :  डॉ. पूजा त्रिपाठी

संवाद में शामिल (प्रो.) डॉ. पूजा त्रिपाठीसुपर स्पेशलिस्ट डेंटिस्ट एवं संस्थापिका ग्लोबल वेलफेयर स्माइल फाउंडेशनने मुख कैंसर के खिलाफ अपने 15 वर्षों के अभियान की जानकारी साझा की। वर्ष 2011 से वे तंबाकू मुक्त समाज के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही हैं। डॉ. पूजा त्रिपाठी ने बताया कि उनका मुक्त’ अभियान आज एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। वर्ष 2017 में हजारों लोगों को तंबाकू छोड़ने की शपथ दिलाकर उन्होंने विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। वहीं वर्ष 2025 में एक ही दिनएक ही समय पर लगभग डेढ़ लाख लोगों को तंबाकू छोड़ने की शपथ दिलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। उनकी संस्था स्कूलोंकॉलेजोंविश्वविद्यालयों और औद्योगिक इकाइयों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम चलाती हैतंबाकू मुक्त क्षेत्र विकसित करती है और एमओयू के माध्यम से निरंतर अभियान संचालित करती है।

शिक्षासंवेदना और सशक्तिकरण का संगम : डॉ. अंजली चौधरी

डॉ अंजली चौधरीशिक्षा के साथ-साथ उद्यमिता और सामाजिक दायित्व की सशक्त मिसाल हैं। वे एलएनसीटी शैक्षणिक संस्थान में जैव प्रौद्योगिकी विभाग की प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष होने के साथ-साथ बाग मुगालिया में स्वयं की हरि लाइफ सांइसेस का सफल संचालन भी कर रही हैं। उनका मानना है कि विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहींबल्कि समाज और जीवन को दिशा देने का माध्यम भी है। एक संवेदनशील उद्यमी के रूप में डॉ. अंजली चौधरी विद्यार्थियों को व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक परामर्श प्रदान करती हैं। इसके साथ ही वे पारिवारिक परामर्श के माध्यम से अनेक परिवारों को मार्गदर्शन और समाधान उपलब्ध करा रही हैं। उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से ही नहींबल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी सशक्त बनाना हैताकि वे जीवन के हर क्षेत्र में संतुलित निर्णय ले सकें।

 प्रेरणा और मिसाल: सुश्री सरगम कुशवाह

जहाँ चाह होती हैवहाँ राह होती हैइस कथन को साकार करती हैं सुश्री सरगम कुशवाह। सशक्त नारीसमर्थ नारी संवाद कार्यक्रम में उपस्थित सुश्री सरगम कुशवाह के मधुर सुरों ने समां बाँध दिया और उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।

दृष्टिबाधित होते हुए भी सरगम ने अपने हुनर के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित की है। बचपन से ही गायन में गहरी रुचि रखने वाली सरगम ने निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए रियलिटी शोज़ में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उनका मानना है कि संगीत केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहींबल्कि आत्मबल और संकल्प का स्वर है।

दीदी सुधाना पशु आहार से बढ़ा दुग्ध उत्पादन

बहन श्रीमती संगीता मालवीय ने बताया कि मैं आत्मनिर्भर महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेडइच्छावर की बोर्ड सदस्य हूँ। हमारी कंपनी का गठन 31 जनवरी 2021 को एफपीओ योजना के अंतर्गत हुआ। आज कंपनी से 2,000 किसान शेयर धारक जुड़े हैं। हम उच्च गुणवत्ता के बीजखाददवाइयाँप्रोम खाद और वर्मी कम्पोस्ट उपलब्ध कराते हैं। दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए हमारा दीदी सुधाना पशु आहार तैयार किया गया हैजिसकी जांच में 96% तक पोषण क्षमता पाई गई है। इससे दुग्ध उत्पादन बढ़ा है। अब तक कंपनी ने 6.03 करोड़ रूपये का कारोबार और 4.5 लाख रूपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। श्रीमती मालवीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का धन्यवाद देती हैं, जिन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर के साथ प्रोत्साहन दिया।

गर्व होता है कि हम मध्यप्रदेश की बेटियाँ हैं

बहन पिंकी तिवारी ने बताया कि मैं पिछले 18 वर्षों से ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री से जुड़ी हूँ। कम्युनिटी रेडियो सेट-अप से लेकर डॉक्यूमेंट्रीकॉर्पोरेट फिल्म मेकिंगसरकारी कार्यक्रमों की होस्टिंग और वर्तमान में ब्रांडिंगकम्युनिकेशन व मार्केटिंग के क्षेत्र में कार्य कर रही हूँ। मध्यप्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लागू योजनाओं से हमें निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन मिलता है। बाहर जाने पर गर्व से कहा जा सकता है कि हम मध्यप्रदेश की बेटियाँ हैं। उन्होंने कहा कि वे चाहती है कि मीडियाब्रॉडकास्टिंग और मार्केटिंग क्षेत्र में आगे बढ़ने वाली महिलाओं को ऐसा ही सहयोग मिलता रहेताकि वे प्रदेश का नाम रोशन करें।

नमो ड्रोन योजना से बदली श्रीमती वंदना केवट की ज़िंदगी

रायसेन जिले की सिलवानी जनपद के ग्राम भानपुर निवासी श्रीमती वंदना केवट स्व-सहायता समूह तथा नमो ड्रोन योजना की मदद से आर्थिक उन्नति कर प्रधानमंत्री श्री मोदी के सपनों को साकार कर रहीं हैं। वंदना केवट अब अपने क्षेत्र में ड्रोन वाली दीदी के नाम से जानी जाती है। श्रीमती वंदना केवट बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर उनके जीवन में बदलाव आया है। वह आर्थिक रूप से सक्षम हुईं हैं तथा समाज में भी मान-सम्मान बढ़ा है।

पूर्व मिसेज इंडिया श्रीमती अपेक्षा डबराल श्रीवास्तव बड़ी खुशी के साथ कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण की जो मुहिम शुरू की हैउसके अंतर्गत बचपन से लेकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तक के लिए अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। गृहिणी महिलाओं के साथ-साथ उद्यमी महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी मध्यप्रदेश सरकार निरंतर और प्रभावी रूप से कार्य कर रही है।

निरंतर संवाद से सशक्त होती नारी शक्ति

यह पहला अवसर नहीं है जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों से सीधा संवाद किया हो। वे नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही बहनों को अपने निवास पर आमंत्रित कर संवाद करते हैं। इन संवादों के माध्यम से वे उनके कार्योंचुनौतियों और शासन-प्रशासन से जुड़ी अपेक्षाओं को समझते हैं और नीतिगत सुझावों को गंभीरता से लेते हैं। ऐसे संवाद बहनों को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास से लबरेज करते हैं।

कला और साहित्य मन को प्रदान करते हैं आत्मिक अनुभूति : श्री पटेल

कला और साहित्य मन को प्रदान करते हैं आत्मिक अनुभूति : श्री पटेल

 कला और साहित्य मन को प्रदान करते हैं आत्मिक अनुभूति : श्री पटेल

राज्यपाल ने दुष्यन्त कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय के स्थापना पर्व पर किया साहित्यकारों को सम्मानित, शोध केन्द्र का उद्घाटन

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि कला और साहित्य मन को आत्मिक अनुभूति प्रदान करते हैं। अंतर्मन को प्रसन्नता और सुकून से भरते हैं। साहित्यकार अपनी लेखनी से जहां समकालीन समाज की विसंगतियों को उजागर करता है, वही भावी पीढ़ियों के लिए दिशा और दृष्टि भी प्रदान करता है। वे समाज और देश की सच्ची सेवा करते हैं। उनका सम्मान देश का सम्मान है।

राज्यपाल श्री पटेल मंगलवार को दुष्यन्त कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय भोपाल के स्थापना पर्व के अवसर पर दुष्यन्त शोध केन्द्र के उद्घाटन और अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने वरिष्ठ साहित्यकार श्री उदयप्रकाश को राष्ट्रीय दुष्यन्त अलंकरण सम्मान- 2025 से सम्मानित किया। श्रीमती कांति शुक्ला को दुष्यन्त सुदीर्घ साहित्य साधना सम्मान-2025 और डॉ. बहादुर सिंह और दुष्यन्त आंचलिक भाषा सम्मान- 2025 से सम्मानित किया। राज्यपाल पटेल ने साहित्यकार श्री अरुण तिवारी, श्री जवाहर कर्नाट और श्री विजय वाजपेयी को भी सम्मानित किया। सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि स्थापना पर्व पर साहित्य सेवियों का सम्मान केवल संस्थान का उत्सव नहीं, बल्कि हिंदी साहित्य की जीवंत परंपरा का उत्सव है। यह इसलिए भी विशेष है क्योंकि अपनी लेखनी से भाषा, समाज और संवेदना को समृद्ध करने और महान दुष्यंत जी की विरासत को आगे बढ़ाने वाले साहित्य सेवियों का आज सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल शब्दों का संकलन नहीं होता, वह समाज का दर्पण होता है। हमारी सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रमाण भी होता है। महान दुष्यंत कुमार ऐसे ही रचनाकार थे, जिन्होंने जन-सरोकारों से जुड़ी रचनाओं के माध्यम से आम आदमी की पीड़ा, उसकी आकांक्षाओं और संघर्षों को अत्यंत सशक्त स्वर दिया। यही कारण है कि उनकी रचनाएँ केवल पढ़ी नहीं जातीं, बल्कि महसूस की जाती हैं। वे आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी अपने समय में थीं।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि साहित्य को केवल मनोरंजन का साधन मात्र नहीं बल्कि समाज के परिष्कार का माध्यम बनाना होगा। क्षेत्रीय भाषाओं, बोलियों तथा लोक कलाओं में बसी माटी की सुगंध और लोक धड़कन को रचनाओं में शामिल करना होगा। उन्होंने कहा कि साहित्य साधकों को प्राचीन विरासत और आधुनिक नवाचार के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में आगे आना होगा, जिसमें परंपरा और प्रगति दोनों साथ चल सकें।

राज्यपाल श्री पटेल का कार्यक्रम का प्रारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। दुष्यन्त शोध केन्द्र का उद्घाटन किया। संग्रहालय का अवलोकन किया। राज्यपाल श्री पटेल का पुष्पगुच्छ से स्वागत और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। उन्होंने संग्रहालय की पत्रिका “प्रेरणा” के विशेषांक का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन संग्रहालय की सचिव श्रीमती करूणा राजुरकर ने दिया। विश्वरंग के निदेशक श्री संतोष चौबे ने हिन्दी गजल के प्रणेता दुष्यन्त कुमार का पुण्य स्मरण किया। उन्होंने सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई दी। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के सिकल सेल जागरूकता प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती विशाखा ने किया। आभार संग्रहालय के अध्यक्ष श्री रामराव वामनकर ने माना। कार्यक्रम में संग्रहालय के सदस्य और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

 दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक पहुँचाई जाएंगी नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी।

मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया।

स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों  का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।

 मंत्रिपरिषद के निर्णय दिनांक - 31 दिसम्बर 2025

मंत्रिपरिषद के निर्णय दिनांक - 31 दिसम्बर 2025

  मंत्रिपरिषद के निर्णय दिनांक - 31 दिसम्बर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

1.    मंत्रिपरिषद की बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदने के लिए वर्ष 2026 हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति दी गई।

2.    मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी प्रदाय किये जाने की अनुमति दी गई।

3.    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया है।

4.    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य शासन की प्रत्याभूति (गारंटी) पर लिए गए ऋणों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण राशि वापस करने का अनुमोदन किया गया। ये राष्ट्रीय निगम हैं- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम और दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम।

वर्तमान में इन ऋणों पर राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान किया जा रहा है। ऋण की पूरी अदायगी होने पर यह ब्याज व्यय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय निगमों से एनओसी (अदेय प्रमाण पत्र) प्राप्त होने पर शासन की ओर से दी गई 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से राज्य शासन पर वित्तीय बोझ कम होगा और भविष्य में होने वाले अनावश्यक व्यय से बचत सुनिश्चित होगी।

5.    मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि - 
    उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रू. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर की गई 40 रू. प्रति क्विंटल

    सभी मिलरों के लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता हेतु अब न्यूनतम 03 माह की जगह न्यूनतम 02 माह की मिलिंग करनी होगी
   
6.    मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन का निर्णय लिया। इससे नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में विसंगतियां दूर होंगी। इन संशोधनों से राज्य में निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

7.    मंत्रिपरिषद ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के बाद पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा, इस संबंध में निर्देशित किया गया है।

8.    मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन एवं परिवहन से संबंधित गतिविधियों के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25 से घटाकर 0.05 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 

9.    मंत्रिपरिषद द्वारा पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नवीन पद वेतन मेट्रिक्स लेवल-14 एक वर्ष की अवधि के लिए स्थायी रूप से निर्मित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

10.    मंत्रिपरिषद द्वारा रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली को 23 जनवरी से लागू किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया है।

 श्रीराम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर हमारी सदियों की आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

श्रीराम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर हमारी सदियों की आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 श्रीराम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर हमारी सदियों की आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति को किया नमन
श्री अयोध्या धाम में श्रीरामलला के विराजमान की द्वितीय वर्षगांठ पर हुआ कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजधानी भोपाल में प्रदेश का सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव शामिल करने के उद्देश्य से राजधानी के प्रमुख मार्गों पर द्वारों का निर्माण किया जा रहा है। यह द्वार भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, सम्राट विक्रमादित्य और राजाभोज को समर्पित होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक पुर्नउत्थान का पर्व जारी है। बनारस, अयोध्या हो या उज्जैन सभी ओर हमारी आस्था और भावना के अनुरूप समृद्ध संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं का प्रकटीकरण हो रहा है। प्रदेश में गीता जयंती पर बड़े पैमाने पर श्रीमद्भगवतगीता पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी जिलों में गीता भवन का निर्माण कराया जा रहा है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बना भव्य मंदिर हमारी सदियों की आस्था, संघर्ष और संकल्प का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्री अयोध्या धाम में पुनर्निमित भव्य श्रीराम मंदिर में श्रीरामलला के विराजमान की द्वितीय वर्षगांठ (तिथि अनुसार) पर मालवीय नगर स्थित युवा सदन के पास निर्मित श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां पहुंचकर श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति को नमन किया तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विधायक श्री रामेश्वर शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम स्थल पर संत समुदाय तथा स्थानीय जन उपस्थित थे।

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को नया बल

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को नया बल

 

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को नया बल

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम
  • धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक 
  • अशोक कुमार चंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को नया बल

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई (CPU) ग्रामीण रोजगार में वनोपज और औषधीय पौधों के संग्रह, प्रसंस्करण और मूल्य-वर्धन (value addition) के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ग्रामीणों, खासकर महिलाओं, के लिए आय और रोजगार के नए अवसर पैदा करती है। दुर्ग जिला के पाटन विकासखंड के जामगांव एम में स्थापित केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई ग्रामीण रोजगार, वनोपज प्रसंस्करण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 

छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड’ के नाम से बाजार में उपलब्ध
यह इकाई लगभग 111 एकड़ क्षेत्र में विकसित की गई है, जहां छत्तीसगढ़ शासन और राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के माध्यम से वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से वनोपज और औषधीय पौधों का क्रय, संग्रहण और प्रसंस्करण किया जा रहा है। यहां तैयार किए जा रहे हर्बल उत्पाद ‘छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड’ के नाम से बाजार में उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता है।

प्रसंस्करण इकाई से मिल रहा स्थानीय लोगों को रोजगार
प्रसंस्करण इकाई क्रमांक- 01 में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं। यहां आंवला, बेल और जामुन से जूस, कैंडी, लच्छा, मुरब्बा, शरबत, पल्प और आरटीएस पेय जैसे शुद्ध हर्बल उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों का विक्रय एनडब्ल्यूएफपी मार्ट और संजीवनी स्टोर के माध्यम से किया जाता है। इस इकाई ने मात्र एक वर्ष में लगभग 44 लाख रुपये मूल्य के उत्पादों का निर्माण और विक्रय कर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने में अहम योगदान दिया है।

20 हजार मीट्रिक टन क्षमता का केंद्रीय वेयरहाउस
इकाई क्रमांक- 02 में चार बड़े गोदाम बनाए गए हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 20,000 मीट्रिक टन है। यहां राज्य के विभिन्न जिलों से प्राप्त वनोपज का सुरक्षित भंडारण किया जाता है। वर्तमान में कोदो, कुटकी, रागी, हर्रा कचरिया, चिरायता, कालमेघ, पलास फूल और साल बीज सहित विभिन्न वनोपज का संग्रह किया गया है। इन उत्पादों का विक्रय संघ मुख्यालय रायपुर द्वारा निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। इन दोनों इकाइयों के संचालन से अब तक 5,200 से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजित हो चुका है।

पीपीपी मॉडल पर हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट यूनिट की स्थापना
जामगांव एम में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट की स्थापना की गई है। यह यूनिट छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ और स्फेयर बायोटेक कंपनी के संयुक्त प्रयास से बनी है, जिसका लोकार्पण वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा किया गया था। लगभग 6 एकड़ क्षेत्र में बनी इस यूनिट में गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मुसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा और शतावरी जैसे औषधीय पौधों से अर्क निकाला जा रहा है। इन अर्कों का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं और वेलनेस उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।

ग्रामीणों और संग्राहकों को स्थायी लाभ
हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट के माध्यम से ग्रामीण संग्राहकों से वनोपज और औषधीय पौधों का पूर्ण क्रय सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उन्हें उचित मूल्य और नियमित आय मिल रही है। इससे वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है और नए रोजगार अवसर भी सृजित हो रहे हैं। जामगांव एम की केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई, वेयरहाउस और हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट वनोपज की मूल्यवृद्धि के साथ-साथ ग्रामीणों और संग्राहकों के लिए आजीविका के मजबूत साधन बन रहे हैं।

Tuesday, December 30, 2025

राज्यपाल श्री डेका से राजदूत श्री उइके ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल श्री डेका से राजदूत श्री उइके ने की सौजन्य भेंट

 राज्यपाल श्री डेका से राजदूत श्री उइके ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल श्री डेका से राजदूत श्री उइके ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहाँ लोकभवन में मध्यएशियायी देश ताजिकिस्तान में भारत के वर्तमान राजदूत श्री राजेश उइके ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 40.25 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 40.25 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 40.25 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 40.25 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम ढुढरुडांड में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में 40.25 करोड़ रूपए लागत के 18 विकासकार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 13.56 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 9 विकासकार्यों  का लोकार्पण और 26.68 करोड़ 68 रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, पूर्व सांसद श्री नन्द कुमार साय, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह सहित कंवर समाज के पदाधिकारी मौजूद थे।

        मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्थलगांव विकासखण्ड में जिन नवनिर्मित कार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 2.71 करोड़ रूपए लागत से ग्राम आमाटोली में 100 सीटर बालक छात्रावास भवन, 3.04 करोड़ रुपए लागत से ग्राम पंचायत पंगसुवा दर्रापारा तक सड़क, 2.35 करोड़ रुपए लागत से सराईटोला से बरपारा पहुंच मार्ग, 3.06 करोड़ लागत से पालीडीह बस्ती से लाखझार तक सड़क, 6.34 करोड़ लागत से कर्राजोर से होते हुए बरपारा, धनुपारा से काडरो पहुंच मार्ग, 2.73 करोड़ रुपए लागत से बंधनपुर से छातासराई तक पहुंच मार्ग, 2.16 करोड़ रुपए लागत से सूरजगढ़ के मिडिल स्कूल पक्की सड़क से लुडेग गौठान तक पहुंच मार्ग, 2.01 करोड़ लागत के तिलडेगा अटल चौक से आमाकानी पहुंच मार्ग और 2.25 करोड़ रुपए लागत से एस.टी.पी. निर्माण कार्य शामिल है।

         इसी तरह जिन नवनिर्मित कार्यों का लोकार्पण किया उनमें विकासखण्ड कांसाबेल में 2.63 करोड़ रुपए लागत से कांसाबेल के कोरंगा बस्ती से ग्यारटोली पहुंच मार्ग, 1.07 करोड़ रुपए लागत से छुरीटोली से अलंगीझार पहुंच मार्ग, 1.97 करोड़ रुपए लागत से करंजटोली डाड़ीडिपा होते हुए चक्रधर नगर पहुंच मार्ग, 1.72 करोड़ रुपए की लागत से कोरंगा बस्ती से खैरवारटोली पहुंच मार्ग, 4.28 करोड़ रुपए की लागत से मुसकुटी से मुख्य मार्ग पहुंच मार्ग, 3 करोड़ रुपए की लागत से करंजटोली-रजौटी पहुचं मार्ग 1.23 करोड़ रुपए की लागत से घोघरा के चौक से फरसाटोली मेन रोड पहुंचमार्ग, 10 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड, नक्टीमुंडा और 54.01 लाख रुपए की लागत से पत्थलगांव में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), कार्यालय भवन शामिल है।

राज्यपाल श्री डेका से उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने सौजन्य भेंट की

राज्यपाल श्री डेका से उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने सौजन्य भेंट की

 राज्यपाल श्री डेका से उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने सौजन्य भेंट की

राज्यपाल श्री डेका से उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने सौजन्य भेंट की

राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने सौजन्य भेंट की।

 विजेता खिलाड़ी महिला सशक्तिकरण का प्रतीक : राज्यपाल श्री पटेल

विजेता खिलाड़ी महिला सशक्तिकरण का प्रतीक : राज्यपाल श्री पटेल

 विजेता खिलाड़ी महिला सशक्तिकरण का प्रतीक : राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल ने किया ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप-2025 की विजेता खिलाड़ियों का सम्मान
राष्ट्रीय टीम की प्रदेश की खिलाड़ियों ने लोकभवन में की सौजन्य भेंट

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि ब्लाइंड महिला टी-20 वर्ल्ड कप - 2025 की विजेता टीम की बेटियां महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। कार्यक्रम में विजेता होना दिव्यांगजनों के हौसलें और दिव्यता का उत्कृष्ट उदाहरण है। बेटियों की उपलब्धि प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणा और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग महिला खिलाड़ियों ने मध्यप्रदेश और देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है।

राज्यपाल श्री पटेल सोमवार को राष्ट्रीय ब्लाइंड महिला टी-20 टीम की प्रदेश की खिलाड़ी सुश्री सुषमा पटेल, सुश्री सुनीता सराठे और सुश्री दुर्गा येवले से लोकभवन में चर्चा कर रहे थे। राज्यपाल श्री पटेल ने तीनों खिलाड़ियों का शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने खिलाड़ियों और उनके कोच का भी उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल श्री पटेल ने उन्हें बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

भारतीय महिला (ब्लाइंड) क्रिकेट टीम ने 23 नवम्बर 2025 को कोलंबो में आयोजित टी-20 वर्ल्डकप के फ़ाइनल मैच में नेपाल को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस राष्ट्रीय टीम में मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले की सुश्री सुनीता सराठे , दमोह ज़िले की सुश्री सुषमा पटेल और बैतुल ज़िले की सुश्री दुर्गा येवले प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल रहीं हैं।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने सामरबार में संत श्री बभु्रवाहन महाराज से की भेंट

मुख्यमंत्री श्री साय ने सामरबार में संत श्री बभु्रवाहन महाराज से की भेंट

 मुख्यमंत्री श्री साय ने सामरबार में संत श्री बभु्रवाहन महाराज से की भेंट

मुख्यमंत्री श्री साय ने सामरबार में संत श्री बभु्रवाहन महाराज से की भेंट

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगीचा विकासखंड के ग्राम सामरबार स्थित संत गहिरा गुरु आश्रम पहुंचकर गुरु पीठाधीश्वर संत श्री बभु्रवाहन सिंह जी महाराज से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संत श्री से उनका कुशलक्षेम जाना तथा आश्रम की शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं सामाजिक गतिविधियों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गहिरा गुरु आश्रम की शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान समाज को सही दिशा देने के साथ ही क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने पूज्य गहिरा गुरु महाराज के अनुयायियों सहित कंवर समाज, साहू समाज, विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समाज, रौतिया, बिझिया, यादव, नागवंशी, गौड़, उरांव समाज सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, आश्रम के ट्रस्टी, आश्रम प्रमुख और आमसभा के सदस्यों से भी भेंट कर संवाद किया।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सामरबार में स्थित संत गहिरा गुरु आश्रम क्षेत्र का प्रमुख आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक केंद्र है। यहां शासकीय संत रामेश्वर गहिरा गुरु जी महाविद्यालय एवं प्राच्य संस्कृत का आवासीय विद्यालय संचालित है, जहां गरीब, आदिवासी, पिछड़े एवं दलित वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाता है।

उज्जैन आने वाले श्रद्धालु सिर्फ मेहमान नहीं, महाकाल के अतिथि हैं, उनके सत्कार में संवेदना भी हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन आने वाले श्रद्धालु सिर्फ मेहमान नहीं, महाकाल के अतिथि हैं, उनके सत्कार में संवेदना भी हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 उज्जैन आने वाले श्रद्धालु सिर्फ मेहमान नहीं, महाकाल के अतिथि हैं, उनके सत्कार में संवेदना भी हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर बनाएंगे सिंहस्थ को भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक आयोजन
पुराने हॉकी स्टेडियम में आधुनिक एस्ट्रोटर्फ लगाया जाएगा
चिंतामण गणेश बनेगा मुख्य स्टेशन, मोहनपुरा में भी होगा रेलवे स्टेशन, उज्जैन में बन रहा एयरपोर्ट
मुख्यमंत्री ने उज्जैन में किया करीब 129 करोड़ रुपए के 12 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले सभी श्रद्धालुओं का स्वागत हैअभिनंदन है। बीते तीन-चार दिनों के अंदर ही 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। उज्जैन आने वाले सभी श्रद्धालु सिर्फ हमारे मेहमान नहींस्वयं बाबा महाकाल द्वारा आमंत्रित अतिथि हैं। महाकाल ने उन्हें दर्शन देने के लिए बुलाया है। इसलिए सभी श्रद्धालुओं के सत्कार से जुड़ी हर व्यवस्था में संवेदना और आत्मीयता भी होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से ही उज्जैन नगरी सिर्फ भारत नहींसम्पूर्ण विश्व की आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनी हुई है। उज्जैन के नागरिकों का सहयोग ही बाबा महाकाल की सच्ची सेवा है। सरकारप्रशासन और समाज मिलकर सिंहस्थ-2028 को सबसे भव्यदिव्य और अनुशासित के साथ एक सुरक्षितसुव्यवस्थित और ऐतिहासिक आयोजन बनाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को उज्जैन के नानाखेड़ा स्टेडियम में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां लगभग 129 करोड़ रुपए की लागत के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में युवाओं को केंद्र में रखकर तैयार की गई तीन महत्वपूर्ण पहलों का एक साथ लोकार्पण एवं शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रोजेक्ट स्वाध्याय (Coding for All) का शुभारंभ किया। इस प्रोजेक्ट के जरिए विद्यार्थियों को कम उम्र से ही कोडिंग और डिजिटल सोच से जोडा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने UtkarshUjjain.com वेब पोर्टल का भी शुभारंभ किया। यह पोर्टल युवाओं के लिए सीखनेमार्गदर्शन और अवसरों का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा। साथ ही कौशल सेतु इंडस्ट्री-लीड स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम का भी आगाज किया। कौशल सेतु शिक्षा और उद्योग के बीच की दूरी को पाटते हुए युवाओं को वास्तविक इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप तैयार करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह तीनों पहले उज्जैन के युवाओं को केवल डिग्री तक ही सीमित नहीं रखेंगीबल्कि उन्हें जॉब-रेडीस्टार्टअप-रेडी और फ्यूचर-रेडी बनाने का आधार तैयार करेंगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन शहरी क्षेत्र में 124 करोड़ रुपए लागत से बनने वाले 11 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इसमें करीब 102 करोड़ रुपए लागत से विभिन्न सड़कों का चौड़ीकरण कार्य9.50 करोड़ रुपए लागत से कपिला गौशाला (3000 गौ-वंश क्षमता वाली) का संवर्धन एवं विकास कार्य8.75 करोड़ रुपए लागत से पंवासा क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस कॉलोनी में विकास कार्य3.47 करोड़ रुपए लागत से कानीपुरा में स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का निर्माण तथा लगभग 5 करोड़ रुपए लागत से नवीन जनपद पंचायत भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों के अलावा 45 करोड़ लागत के अन्य काम भी प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि उज्जैन के इस पुराने हॉकी स्टेडियम में आधुनिक एस्ट्रोटर्फ लगाया जाएगाजिससे यहां इंटरनेशनल हॉकी मैच हो सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में भारतीय खिलाड़ी लगभग सभी खेलों में पदक विजेता बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम मध्यप्रदेश के युवाओं को नौकरी लेने वाला नहींनौकरी देने वाला बनाने का प्रयास कर रहे हैं। आज की गई पहलें कल इसी दिशा में हमारी मदद करेंगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सीखो-कमाओ योजनास्किल इंडिया मिशन और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम जैसी पहलें युवाओं को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव देकर उन्हें बाजार और उद्योगों के लिए तैयार कर रही हैं। यही सही अवसर है कि उज्जैन के युवा स्वयं को आने वाले बेहतर कल के लिए अभी से तैयार करें।

अद्भुत होगा सिंहस्थ - 2028

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह भारतीय धर्मसंस्कृतिआध्यात्म और पर्यटन का अद्भुत समागम है। सिंहस्थ को देखते हुए सरकार ने भी सभी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। हमारी कोशिश है कि 30 किलोमीटर लम्बे घाटों में 24 घंटे में 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान/आचमन कर लें। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ को बेहतर बनाने के लिए हमने उज्जैन में 2675 करोड़ रुपए की लागत से 33 प्रमुख कार्यों को मंजूरी दे दी है। इन कामों पर क्रियान्वयन भी शुरू हो चुका है। सिंहस्थ के दौरान क्राउड मैनेजमेंट पर हमारा विशेष ध्यान रहेगा। इसीलिए संपूर्ण मेला क्षेत्र को फोर लेन और सिक्स लेन मार्गों से जोड़कर निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है। श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उज्जैन को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी दिशा में उज्जैन में आधुनिक मेडिसिटी का निर्माण प्रगति पर है। यहां एक नया इंडस्ट्रियल पार्क भी बनाया जा रहा है। इंजीनियरिंग कॉलेज के पुराने कैम्पस में नया आईटी पार्क और साइंस सिटी बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रोजेक्ट स्वाध्याय के लिए 3 हजार युवाओं के लिए निनौरा और मक्सी के पास 2 हजार युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र शुरू किए हैं। इंदौर-उज्जैन के बीच भविष्य में मेट्रो भी दौड़ेगीलेकिन उससे पहले वंदे भारत मेट्रो ट्रेन की सौगात मिलेगी। शहर के चिंतामण गणेश स्टेशन को भी मुख्य स्टेशन के तौर पर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोहनपुरा में भी एक नया रेलवे स्टेशन बनेगा। उज्जैन के समीप ही एक बड़ा एयरपोर्ट भी बनाया जा रहा हैजिससे श्रद्धालु सीधे उज्जैन में ही उतर सकें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में शनि लोक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 140 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यह शनि लोक आस्था और पर्यटन के क्षेत्र में उज्जैन की एक और नई पहचान स्थापित करेगा। उज्जैन को दूसरे शहरों से जोड़ने के लिए यहां चारों दिशाओं में फोरलेन बन रहे हैं। यहां करीब 12-13 नए पुल भी निर्माणाधीन हैं। इससे आवागमन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन अब इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन एरिया का हिस्सा होगा। यह कुल 14 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा। दिल्ली के बाद देश का यह दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन एरिया बनने जा रहा है। इसमें उज्जैन संभाग के शाजापुरशुजालपुरदेवास और रतलाम भी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत बदलते दौर में नई कहानी लिख रहा है। उज्जैन में बना भव्य महाकाल लोक देश-दुनिया में अपनी अनूठी पहचान बना रहा है। महाकाल के दर्शन से जीवन धन्य हो जाता है। वे सिर्फ उज्जैन के नहींपूरी दुनिया के महाकाल हैं। यह हमारा सौभाग्य है कि 1980 के बाद पहली बार क्षिप्रा के जल से ही सिंहस्थ में स्नान होगा। कान्ह नदी परियोजना के माध्यम से उज्जैनवासियों को आचमन के लिए शुद्ध जल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन नगरी का हर काल में विशेष महत्व रहा है। यहां विराजे महाकाल हम सभी के शरीर में विद्मान हैं। हमारे द्वारा किए जा रहे सभी कार्य महाकाल के निमित्त से ही पूर्ण होते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैनवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे सिंहस्थ के समय देश-दुनिया के आगंतुकों की खुले दिल से मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने जिला प्रशासन से ऐसे स्वयंसेवियों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन के पास एक जूना महाकाल भी हैं। उज्जैन दुनिया के लिए ग्रहों की काल गणना का केंद्र रहा है। राज्य सरकार ने इसी आधार पर वैदिक घड़ी तैयार की है। सिंहस्थ की आयोजन के लिए शहर में विरासत का संरक्षण करते हुए विकास कार्यों को गति दी जा रही है। बाबा महाकाल मंदिर के पास सम्राट विक्रमादित्य होटल को नया रूप दिया गया है। वीर भारत न्यास के माध्यम से पुरानी कोठी का भी जीर्णोद्धार किया गया है। विकास का यह कारवां लगातार चलता रहेगाहमारी सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उज्जैन के लोकसभा सांसद श्री अनिल फिरोजिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सतत् रूप से उज्जैन की दशा और दिशा बदलने का काम जारी हैं। उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने पहले भी इस शहर को विकास कार्यों की अनेक सौगातें दी हैं। उज्जैन जिले के गांव-गांव तक चौड़ी सड़कें बन रही हैं। किसानों को भावांतर की राशि दी जा रही है और बहुत जल्द फसल बीमा की राशि भी मिलेगी। राज्य सरकार लाड़ली बहनों के बैंक खातों में हर महीने 1500 रुपए दे रही है। प्रदेश में विकास की बयार चल रही है। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य श्री उमेश नाथ महाराजविधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ाविधायक श्री सतीश मालवीयविधायक श्री जितेंद्र पंड्याउज्जैन के महापौर श्री मुकेश टटवाल सहित जनप्रतिनिधि और स्थानीयजन उपस्थित थे।