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Wednesday, December 31, 2025

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

 दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक पहुँचाई जाएंगी नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी।

मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया।

स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों  का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।

 मंत्रिपरिषद के निर्णय दिनांक - 31 दिसम्बर 2025

मंत्रिपरिषद के निर्णय दिनांक - 31 दिसम्बर 2025

  मंत्रिपरिषद के निर्णय दिनांक - 31 दिसम्बर 2025

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

1.    मंत्रिपरिषद की बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदने के लिए वर्ष 2026 हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति दी गई।

2.    मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी प्रदाय किये जाने की अनुमति दी गई।

3.    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया है।

4.    मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य शासन की प्रत्याभूति (गारंटी) पर लिए गए ऋणों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण राशि वापस करने का अनुमोदन किया गया। ये राष्ट्रीय निगम हैं- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम और दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम।

वर्तमान में इन ऋणों पर राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान किया जा रहा है। ऋण की पूरी अदायगी होने पर यह ब्याज व्यय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय निगमों से एनओसी (अदेय प्रमाण पत्र) प्राप्त होने पर शासन की ओर से दी गई 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से राज्य शासन पर वित्तीय बोझ कम होगा और भविष्य में होने वाले अनावश्यक व्यय से बचत सुनिश्चित होगी।

5.    मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि - 
    उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रू. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर की गई 40 रू. प्रति क्विंटल

    सभी मिलरों के लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता हेतु अब न्यूनतम 03 माह की जगह न्यूनतम 02 माह की मिलिंग करनी होगी
   
6.    मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन का निर्णय लिया। इससे नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में विसंगतियां दूर होंगी। इन संशोधनों से राज्य में निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

7.    मंत्रिपरिषद ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के बाद पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा, इस संबंध में निर्देशित किया गया है।

8.    मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन एवं परिवहन से संबंधित गतिविधियों के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25 से घटाकर 0.05 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 

9.    मंत्रिपरिषद द्वारा पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नवीन पद वेतन मेट्रिक्स लेवल-14 एक वर्ष की अवधि के लिए स्थायी रूप से निर्मित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

10.    मंत्रिपरिषद द्वारा रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली को 23 जनवरी से लागू किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया है।

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को नया बल

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को नया बल

 

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को नया बल

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम
  • धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक 
  • अशोक कुमार चंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव एम : ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार को नया बल

केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई (CPU) ग्रामीण रोजगार में वनोपज और औषधीय पौधों के संग्रह, प्रसंस्करण और मूल्य-वर्धन (value addition) के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ग्रामीणों, खासकर महिलाओं, के लिए आय और रोजगार के नए अवसर पैदा करती है। दुर्ग जिला के पाटन विकासखंड के जामगांव एम में स्थापित केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई ग्रामीण रोजगार, वनोपज प्रसंस्करण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 

छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड’ के नाम से बाजार में उपलब्ध
यह इकाई लगभग 111 एकड़ क्षेत्र में विकसित की गई है, जहां छत्तीसगढ़ शासन और राज्य लघु वनोपज (व्यापार एवं विकास) सहकारी संघ मर्यादित के माध्यम से वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से वनोपज और औषधीय पौधों का क्रय, संग्रहण और प्रसंस्करण किया जा रहा है। यहां तैयार किए जा रहे हर्बल उत्पाद ‘छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड’ के नाम से बाजार में उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता है।

प्रसंस्करण इकाई से मिल रहा स्थानीय लोगों को रोजगार
प्रसंस्करण इकाई क्रमांक- 01 में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं। यहां आंवला, बेल और जामुन से जूस, कैंडी, लच्छा, मुरब्बा, शरबत, पल्प और आरटीएस पेय जैसे शुद्ध हर्बल उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों का विक्रय एनडब्ल्यूएफपी मार्ट और संजीवनी स्टोर के माध्यम से किया जाता है। इस इकाई ने मात्र एक वर्ष में लगभग 44 लाख रुपये मूल्य के उत्पादों का निर्माण और विक्रय कर स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने में अहम योगदान दिया है।

20 हजार मीट्रिक टन क्षमता का केंद्रीय वेयरहाउस
इकाई क्रमांक- 02 में चार बड़े गोदाम बनाए गए हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 20,000 मीट्रिक टन है। यहां राज्य के विभिन्न जिलों से प्राप्त वनोपज का सुरक्षित भंडारण किया जाता है। वर्तमान में कोदो, कुटकी, रागी, हर्रा कचरिया, चिरायता, कालमेघ, पलास फूल और साल बीज सहित विभिन्न वनोपज का संग्रह किया गया है। इन उत्पादों का विक्रय संघ मुख्यालय रायपुर द्वारा निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। इन दोनों इकाइयों के संचालन से अब तक 5,200 से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजित हो चुका है।

पीपीपी मॉडल पर हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट यूनिट की स्थापना
जामगांव एम में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट की स्थापना की गई है। यह यूनिट छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ और स्फेयर बायोटेक कंपनी के संयुक्त प्रयास से बनी है, जिसका लोकार्पण वर्ष 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा किया गया था। लगभग 6 एकड़ क्षेत्र में बनी इस यूनिट में गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मुसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा और शतावरी जैसे औषधीय पौधों से अर्क निकाला जा रहा है। इन अर्कों का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं और वेलनेस उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।

ग्रामीणों और संग्राहकों को स्थायी लाभ
हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट के माध्यम से ग्रामीण संग्राहकों से वनोपज और औषधीय पौधों का पूर्ण क्रय सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उन्हें उचित मूल्य और नियमित आय मिल रही है। इससे वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है और नए रोजगार अवसर भी सृजित हो रहे हैं। जामगांव एम की केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई, वेयरहाउस और हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट वनोपज की मूल्यवृद्धि के साथ-साथ ग्रामीणों और संग्राहकों के लिए आजीविका के मजबूत साधन बन रहे हैं।

Tuesday, December 30, 2025

राज्यपाल श्री डेका से राजदूत श्री उइके ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल श्री डेका से राजदूत श्री उइके ने की सौजन्य भेंट

 राज्यपाल श्री डेका से राजदूत श्री उइके ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल श्री डेका से राजदूत श्री उइके ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहाँ लोकभवन में मध्यएशियायी देश ताजिकिस्तान में भारत के वर्तमान राजदूत श्री राजेश उइके ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 40.25 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 40.25 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 40.25 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 40.25 करोड़ रूपए लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम ढुढरुडांड में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में 40.25 करोड़ रूपए लागत के 18 विकासकार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 13.56 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित 9 विकासकार्यों  का लोकार्पण और 26.68 करोड़ 68 रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, पूर्व सांसद श्री नन्द कुमार साय, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह सहित कंवर समाज के पदाधिकारी मौजूद थे।

        मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्थलगांव विकासखण्ड में जिन नवनिर्मित कार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 2.71 करोड़ रूपए लागत से ग्राम आमाटोली में 100 सीटर बालक छात्रावास भवन, 3.04 करोड़ रुपए लागत से ग्राम पंचायत पंगसुवा दर्रापारा तक सड़क, 2.35 करोड़ रुपए लागत से सराईटोला से बरपारा पहुंच मार्ग, 3.06 करोड़ लागत से पालीडीह बस्ती से लाखझार तक सड़क, 6.34 करोड़ लागत से कर्राजोर से होते हुए बरपारा, धनुपारा से काडरो पहुंच मार्ग, 2.73 करोड़ रुपए लागत से बंधनपुर से छातासराई तक पहुंच मार्ग, 2.16 करोड़ रुपए लागत से सूरजगढ़ के मिडिल स्कूल पक्की सड़क से लुडेग गौठान तक पहुंच मार्ग, 2.01 करोड़ लागत के तिलडेगा अटल चौक से आमाकानी पहुंच मार्ग और 2.25 करोड़ रुपए लागत से एस.टी.पी. निर्माण कार्य शामिल है।

         इसी तरह जिन नवनिर्मित कार्यों का लोकार्पण किया उनमें विकासखण्ड कांसाबेल में 2.63 करोड़ रुपए लागत से कांसाबेल के कोरंगा बस्ती से ग्यारटोली पहुंच मार्ग, 1.07 करोड़ रुपए लागत से छुरीटोली से अलंगीझार पहुंच मार्ग, 1.97 करोड़ रुपए लागत से करंजटोली डाड़ीडिपा होते हुए चक्रधर नगर पहुंच मार्ग, 1.72 करोड़ रुपए की लागत से कोरंगा बस्ती से खैरवारटोली पहुंच मार्ग, 4.28 करोड़ रुपए की लागत से मुसकुटी से मुख्य मार्ग पहुंच मार्ग, 3 करोड़ रुपए की लागत से करंजटोली-रजौटी पहुचं मार्ग 1.23 करोड़ रुपए की लागत से घोघरा के चौक से फरसाटोली मेन रोड पहुंचमार्ग, 10 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड, नक्टीमुंडा और 54.01 लाख रुपए की लागत से पत्थलगांव में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), कार्यालय भवन शामिल है।

राज्यपाल श्री डेका से उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने सौजन्य भेंट की

राज्यपाल श्री डेका से उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने सौजन्य भेंट की

 राज्यपाल श्री डेका से उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने सौजन्य भेंट की

राज्यपाल श्री डेका से उच्च शिक्षा मंत्री श्री वर्मा ने सौजन्य भेंट की

राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने सौजन्य भेंट की।

 मुख्यमंत्री श्री साय ने सामरबार में संत श्री बभु्रवाहन महाराज से की भेंट

मुख्यमंत्री श्री साय ने सामरबार में संत श्री बभु्रवाहन महाराज से की भेंट

 मुख्यमंत्री श्री साय ने सामरबार में संत श्री बभु्रवाहन महाराज से की भेंट

मुख्यमंत्री श्री साय ने सामरबार में संत श्री बभु्रवाहन महाराज से की भेंट

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बगीचा विकासखंड के ग्राम सामरबार स्थित संत गहिरा गुरु आश्रम पहुंचकर गुरु पीठाधीश्वर संत श्री बभु्रवाहन सिंह जी महाराज से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संत श्री से उनका कुशलक्षेम जाना तथा आश्रम की शैक्षणिक, स्वास्थ्य एवं सामाजिक गतिविधियों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गहिरा गुरु आश्रम की शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान समाज को सही दिशा देने के साथ ही क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने पूज्य गहिरा गुरु महाराज के अनुयायियों सहित कंवर समाज, साहू समाज, विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समाज, रौतिया, बिझिया, यादव, नागवंशी, गौड़, उरांव समाज सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, आश्रम के ट्रस्टी, आश्रम प्रमुख और आमसभा के सदस्यों से भी भेंट कर संवाद किया।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सामरबार में स्थित संत गहिरा गुरु आश्रम क्षेत्र का प्रमुख आध्यात्मिक एवं शैक्षणिक केंद्र है। यहां शासकीय संत रामेश्वर गहिरा गुरु जी महाविद्यालय एवं प्राच्य संस्कृत का आवासीय विद्यालय संचालित है, जहां गरीब, आदिवासी, पिछड़े एवं दलित वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाता है।

 कल्याण आश्रम का जनजातीय समाज सेवा एवं संरक्षण में अमूल्य योगदान: मुख्यमंत्री श्री साय

कल्याण आश्रम का जनजातीय समाज सेवा एवं संरक्षण में अमूल्य योगदान: मुख्यमंत्री श्री साय

 कल्याण आश्रम का जनजातीय समाज सेवा एवं संरक्षण में अमूल्य योगदान: मुख्यमंत्री श्री साय

कल्याण आश्रम का जनजातीय समाज सेवा एवं संरक्षण में अमूल्य योगदान: मुख्यमंत्री श्री साय

दोकड़ा में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम का बनेगा चिकित्सालय भवन

एक करोड़ 75 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन

एक करोड़ 75 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि वनवासी कल्याण आश्रम का जनजातीयों की सेवा और उनके संरक्षण की दिशा में अमूल्य योगदान है। उन्होंने कहा कि आश्रम का उद्देश्य केवल सेवा करना नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की धर्म-संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करते हुए उनके सर्वांगीण विकास को गति देना है। वे आज जशपुर जिले के ग्राम दोकड़ा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर 1 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से होने वाले 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसमें 95 लाख रुपये की लागत से दोकड़ा में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के चिकित्सालय भवन, 10-10 लाख रुपए के दो आरसीसी पुलिया, 20-20 लाख रुपए दो सामुदायिक भवन एवं 20 लाख रुपए की लागत के स्वागत द्वार निर्माण कार्य शामिल हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में आगे कहा कि दोकड़ा में वनवासी कल्याण आश्रम की शुरुआत वर्ष 1986 में एक छोटे से अस्पताल प्रकल्प के रूप में हुई थी। आश्रम से जुड़े सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने तन-मन-धन से जुड़कर क्षेत्र के लोगों की सेवा की और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए भूमिपूजन से बड़े और सुसज्जित अस्पताल भवन के निर्माण से अंचल के जनजातीय समाज को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की सभी नागरिकों को बधाई देते हुए बताया कि फरसाबहार में मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी, उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बगिया सिंचाई योजना प्रारंभ की जा रही है, जिससे 14 ग्रामों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णाेद्धार के लिए 2800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम को विधायक श्रीमती गोमती साय और अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट ने भी सम्बोधित किया और अस्पताल भवन के लिए 95 लाख की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

सामाजिक आयोजनों से मजबूत होता है आपसी जुड़ाव और युवाओं को मिलती है प्रेरणा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

सामाजिक आयोजनों से मजबूत होता है आपसी जुड़ाव और युवाओं को मिलती है प्रेरणा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 सामाजिक आयोजनों से मजबूत होता है आपसी जुड़ाव और युवाओं को मिलती है प्रेरणा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

कंवर समाज के सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज विकासखंड कांसाबेल के ग्राम ढूढरूडांड में आयोजित अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज विकास समिति के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए उनके योगदान को सराहा। कार्यक्रम में विधायक श्रीमती गोमती साय, पूर्व सांसद श्री नन्द कुमार साय, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, जिला पंचायत सदस्य श्री गेंद बिहारी सिंह, कलेक्टर श्री रोहित व्यास विशेष रूप से उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं। वरिष्ठजनों एवं समाजसेवियों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है, जिससे वे एक अच्छे नागरिक बनकर समाज और राष्ट्र की सेवा में अग्रसर होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार के गठन के साथ ही पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। किसानों के हित में 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से अब तक 70 लाख महिलाओं को 22वीं किस्त प्रदान की जा चुकी है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5500 रुपये का भुगतान किया जा रहा है तथा चरण पादुका का वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सभी के लिए अत्यंत आवश्यक है और छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय महत्व के आईआईटी, एम्स, आईआईआईटी, लॉ यूनिवर्सिटी सहित 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं। युवाओं को इन संस्थानों का अधिकतम लाभ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।    

     मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नई उद्योग नीति के तहत राज्य को 7.83 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस नीति में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि यह वर्ग भी व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ सके। जिले में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार हेतु मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद तेजी से समाप्ति की ओर है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। खेलों के क्षेत्र में सन्ना में तीरंदाजी अकादमी का निर्माण करने सहित खेल मैदानों का भी विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह गौरव का विषय है कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का अवसर छत्तीसगढ़ को मिला है।

   कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि समाज के उत्थान के लिए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं के साथ ही उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त एवं सुसंस्कृत नागरिक बनाने पर भी जोर देना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि समाज को सभी क्षेत्रों में मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को समर्पण भाव से कार्य करना होगा। यदि समाज के बुजुर्ग एवं जागरूक नागरिक संकल्प लें, तो समाज के साथ-साथ देश भी तेजी से प्रगति करेगा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय कंवर समाज के महासचिव श्री अशोक पैंकरा, अखिल भारतीय आदिवासी कंवर समाज उत्तरी क्षेत्र-ढूढरूडांड के अध्यक्ष श्री विष्णु प्रसाद साय, सचिव श्री राजेश पैंकरा, कोषाध्यक्ष श्री गुलसागर साय सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

Monday, December 29, 2025

 बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को करेगा जागरूक


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज फरसाबहार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से बाल विवाह मुक्त जशपुर अभियान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रथ जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका हो तो बिना झिझक 1098 पर सूचना दें और इस सामाजिक बुराई के रोकथाम में सहभागी बनें। 

इस अभियान रथ के माध्यम से नागरिकों को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान, विवाह की वैधानिक न्यूनतम आयु तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंतर्गत कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच विकसित कर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

रथ पर 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है, ताकि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलने पर नागरिक तत्काल इस हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे सकें। सूचना प्राप्त होते ही  बाल विवाह प्रतिषेध की संयुक्त टीम  के द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि 1098 हेल्पलाइन के माध्यम से बच्चों से जुड़ी अन्य समस्याओं का समाधान भी किया जाता है।

 जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने नई पहल

जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने नई पहल

 जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने नई पहल

जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने नई पहल

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में जिला प्रशासन, एसईसीएल एवं ईडीसीआईएल के बीच हुआ एमओयू

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में आज बगिया में जशपुर जिले के शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुआ। विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन जशपुर, एसईसीएल एवं ईडीसीआईएल के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसईसीएल की ओर से जनरल मैनेजर श्री सी. एम. वर्मा तथा ईडीसीआईएल की ओर से प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री विकास सहरावत ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षा को रोचक एवं प्रभावी बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को भी शहरों के समान बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सके। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में नवाचार, जिज्ञासा एवं तकनीकी दक्षता का विकास होगा, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा। 

एमओयू के तहत जशपुर जिले के चयनित शासकीय विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से शिक्षक डिजिटल कंटेंट, वीडियो, प्रेजेंटेशन एवं ई-लर्निंग संसाधनों का उपयोग कर कक्षाओं को अधिक रोचक, सरल एवं प्रभावी बना सकेंगे। साथ ही एमओयू में इंटरएक्टिव पैनल की स्थापना के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण, संचालन एवं नियमित मेंटेनेंस के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं, ताकि उपकरणों का सतत एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके। 

इस परियोजना के लिए एसईसीएल द्वारा सीएसआर मद से 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले के शासकीय विद्यालयों में 206 इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे। इस पहल से जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा की सुविधा प्राप्त होगी। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने एसईसीएल एवं ईडीसीआईएल के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस परियोजना से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गजरथ यात्रा-2025 पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गजरथ यात्रा-2025 पुस्तक का किया विमोचन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गजरथ यात्रा-2025 पुस्तक का किया विमोचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गजरथ यात्रा-2025 पुस्तक का किया विमोचन

हाथी-मानव द्वंद रोकने में मददगार 6 वनकर्मी हुए सम्मानित

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने निज निवास बगिया में  गजरथ यात्रा-2025  पुस्तक का विमोचन किया। इस पुस्तक में जशपुर जिले में हाथी विचरण क्षेत्रों एवं संवेदनशील इलाकों के वर्गीकरण, विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों, गज सूचना एवं नियंत्रण कक्ष की स्थापना, मानव-हाथी द्वंद प्रबंधन हेतु तकनीकी पहल एनीमल ट्रैकर ऐप प्रशिक्षण तथा जिलेभर में गजरथ यात्रा के विस्तार एवं उपलब्धियों का विस्तार से समावेश किया गया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हाथी-मानव द्वंद को कम करने और जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले 6 वनकर्मियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें वनपाल उमेश पैंकरा, वनरक्षक श्री दुर्गेश नंदन साय तथा आरआरटी से महत्तम राम सोनी, गणेश राम और रविशंकर पैंकरा, हाथी मित्र दल से फूल सिंह सिदार शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुस्तक में समाहित जानकारियां आमजन को हाथियों के व्यवहार को समझने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने तथा आवश्यक सतर्कता उपायों को अपनाने में सहायक होंगी। उन्होंने विद्यालय स्तर पर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना भविष्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सम्मानित किए गए वनकर्मियों और आरआरटी सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इनकी सतर्कता, साहस और सेवाभाव के कारण ही कई गांवों में बड़ी घटनाएं टल सकी हैं, जिससे जान-माल की रक्षा संभव हो पाई है। इस दौरान कमिश्नर श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह तथा वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Sunday, December 28, 2025

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन

वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन

‘महतारी गौरव वर्ष’ तथा सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ थीम पर आधारित है इस वर्ष का कैलेंडर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। वर्ष 2026 को राज्य सरकार द्वारा ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी थीम पर आधारित यह कैलेंडर सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को अभिव्यक्त करता है।

कैलेंडर के मुख्य पृष्ठ पर छत्तीसगढ़ के पाँच प्रमुख शक्तिपीठ — मां बमलेश्वरी डोंगरगढ़, मां महामाया रतनपुर, मां दंतेश्वरी दंतेवाड़ा, मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर और मां कुदरगढ़ी सूरजपुर के पावन धाम को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के छायाचित्र भी अंकित हैं। पृष्ठभूमि में सिरपुर एवं राजिम के मंदिर, आदिवासी संस्कृति, मधेश्वर पहाड़ तथा चित्रकोट जलप्रपात के आकर्षक ग्राफिकल प्रतिरूप सम्मिलित किए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर का प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि “राज्य सरकार के लिए मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा यह वर्ष महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को समर्पित है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह शासकीय कैलेंडर महिला सशक्तिकरण, राज्य की प्राथमिकताओं और हमारी उपलब्धियों का सशक्त प्रतीक है। इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों को समाहित किया गया है, जो सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

कैलेंडर के विभिन्न मासिक पृष्ठों में विषयानुसार योजनाओं एवं अभियानों को समाहित किया गया है। जनवरी माह के पृष्ठ पर राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दर्शन कराया गया है। फरवरी माह में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान को दर्शाया गया है, वहीं मार्च माह को महतारी वंदन योजना को समर्पित किया गया है। अप्रैल माह में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मई माह में तेंदूपत्ता संग्रहण एवं चरण पादुका योजना, तथा जून माह में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रमुखता दी गई है। जुलाई माह में महिला मुखिया के नाम से पीडीएस राशनकार्ड की व्यवस्था को दर्शाया गया है। अगस्त माह में रक्षाबंधन उत्सव, सितंबर में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना और अक्टूबर माह में शौर्य का सम्मान विषय को स्थान दिया गया है। नवंबर माह को “सेवा ही संकल्प” की भावना के साथ प्रस्तुत किया गया है, जबकि दिसंबर माह को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक रूप में दर्शाया गया है।

शासकीय कैलेंडर 2026 के विमोचन के इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, जनसंपर्क सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा आयुक्त जनसंपर्क श्री रवि मित्तल उपस्थित थे।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुशाभाऊ ठाकरे की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुशाभाऊ ठाकरे की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुशाभाऊ ठाकरे की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

कुशाभाऊ ठाकरे की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रख्यात जननायक कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहितऔर समाज-सेवा के लिए समर्पित रहा। वे सत्ता-प्राप्ति को उद्देश्य नहीं, बल्कि जनसेवा को राजनीति का परम लक्ष्य मानते थे।मूल्य-आधारित राजनीति, चरित्र, अनुशासन और कर्मठता उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान रही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लोकतांत्रिक संस्कारों के प्रसार में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। वे सरलता और आत्मीयता के माध्यम से लोगों के हृदय से जुड़ने वाले विरले नेता थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ कुशाभाऊ ठाकरे जी का गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि राजनीति का मूल उद्देश्य सेवा, राष्ट्रहित एवं समाज कल्याण ही होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी की पावन स्मृतियाँ हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं और हमें जनकल्याण के कार्यों में सदैव सक्रिय रहने की प्रेरणा देती रहेंगी।

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों संग ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 129वीं कड़ी का श्रवण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों संग ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 129वीं कड़ी का श्रवण

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनप्रतिनिधियों संग ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 129वीं कड़ी का श्रवण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण का दिया प्रेरक संदेश

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण का दिया प्रेरक संदेश

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 129वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, विधायक श्री प्रबोध मिंज एवं विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष के अंतिम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी अपनाने, देश में निर्मित उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्र को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री निरंतर जनभागीदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य जागरूकता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सशक्त बनाते हैं।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ष 2025 को भारत के लिए उपलब्धियों से भरा गौरवशाली वर्ष बताया। उन्होंने देश की सुरक्षा, खेल, विज्ञान एवं अंतरिक्ष अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में हुई ऐतिहासिक सफलताओं का उल्लेख किया। उन्होंने खिलाड़ियों और पैरा-एथलीटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा युवाओं के नवाचारों और ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन’ जैसे मंचों की सकारात्मक भूमिका को भी रेखांकित किया।

मन की बात में प्रधानमंत्री ने मणिपुर के युवा मोइरांगथेम सेठ के सौर ऊर्जा से जुड़े प्रयासों की सराहना करते हुए ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का उल्लेख किया। साथ ही ओडिशा की स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि के योगदान को नमन करते हुए उन्होंने समाज सेवा और त्याग के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में आईसीएमआर की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने एंटीबायोटिक दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर चिंता व्यक्त की और नागरिकों से चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवा लेने की अपील की। 

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत स्वास्थ्यप्रद जीवनशैली अपनाने का संदेश देते हुए सभी देशवासियों को वर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देश को जोड़ने वाला और सकारात्मक ऊर्जा देने वाला कार्यक्रम है, जिसकी प्रत्येक कड़ी प्रेरणा, जागरूकता और जनभागीदारी की नई भावना का संचार करती है और जिसका सभी नागरिकों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

Saturday, December 27, 2025

 जनजातीय गौरव की स्वर्णिम विरासत: मुख्यमंत्री साय ने किया गैंदसिंह नायक की प्रतिमा का अनावरण

जनजातीय गौरव की स्वर्णिम विरासत: मुख्यमंत्री साय ने किया गैंदसिंह नायक की प्रतिमा का अनावरण

 जनजातीय गौरव की स्वर्णिम विरासत: मुख्यमंत्री साय ने किया गैंदसिंह नायक की प्रतिमा का अनावरण

जनजातीय गौरव की स्वर्णिम विरासत

डबल इंजन सरकार से नक्सल क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज़: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के कार्यक्रम में हुए शामिल 

मुख्यमंत्री अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के कार्यक्रम में हुए शामिल

छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज का इतिहास केवल समृद्ध नहीं, बल्कि अद्भुत रूप से प्रेरणादायी रहा है। यह इतिहास साहस, बलिदान, आत्मसम्मान और प्रकृति-संग जीवन दर्शन की अमूल्य धरोहर समेटे हुए है।इसी विरासत से हमें अपनी जड़ों पर गर्व करने, अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़े होने और विकास की नई राह बनाने की सीख मिलती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव जिले के गोड़लवाही में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी महासभा के द्वारा बिरसा मुण्डा 150वीं जन्म शताब्दी के कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। 

 मुख्यमंत्री अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर शहीद शिरोमणि गैंदसिंह नायक मूर्ति का अनावरण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और सांसद श्री संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में 1.21 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन एवं 1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रूपए की लागत से निर्मित 50 सीटर प्री मैट्रिक छात्रावास भवन का लोकार्पण किया। गोड़लवाही से ग्राम उमरवाही तथा उमरवाही से करमरी तक सड़क चौड़ीकरण, गोड़लवाही में नवीन महाविद्यालय स्थापना और स्कूल परिसर में बाऊण्ड्रीवाल तथा अटल समरसता भवन निर्माण की घोषणा की। इस अवसर पर स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों को अधिकार पत्र, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को गैस कनेक्शन का वितरण किया। 
    
    मुख्यमंत्री श्री साय  ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलियों की मांद में प्रहार किया गया है। नक्सलवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है। विगत दो वर्षों में डबल इंजन सरकार के होने से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों में गति आयी है। उन्होंने कहा कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के खात्मे के लक्ष्य के अनुरूप हम तेजी से आगे बढ़ रहे है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए कार्य किए जा रहे है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 400 से अधिक ग्राम शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी, अधोसंरचना एवं विकास कार्यों से जुड़ रहे है। 
    
    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनजातीय समाज के महानायकों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित भव्य डिजिटल संग्रहालय का लोकार्पण राज्य स्थापना दिवस पर किया गया है। इस डिजिटल संग्रहालय में जनजातीय समाज द्वारा अंग्रेजों के विरूद्ध किए गए 14 बड़े विद्रोह का सचित्र चित्रण किया गया है। उन्होंने सभी से रायपुर पहुंचकर संग्रहालय का अवलोकन करने का आग्रह किया। 

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश के सर्वाेच्च पद राष्ट्रपति पद पर आसीन श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जनजातीय समाज से है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय समाज के विकास एवं क्षेत्र के विकास के लिए छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया और आज छत्तीसगढ़ का तेजी से विकास हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव-गांव तक पक्की सड़कों का निर्माण करवाया और जनजातीय समाज के विकास के लिए आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। महतारी वंदन योजना में 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता राशि दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण राशि 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए बोरा की गई है। तेंदूपत्ता संग्रहण से 13 लाख परिवारों को लाभ मिल रहा है। श्री रामलला दर्शन योजना के तहत 38 हजार बुजुर्ग हितग्राही लाभान्वित हुए है। 

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि परलकोट से अंग्रेजों के खिलाफ शोषण के विरूद्ध आजादी की मशाल जलाई एवं युद्ध का बिगुल फूंका। शहीद गैंदसिंह की सोच के अनुरूप शोषण मुक्त, स्वाभिमानी एवं आत्मनिर्भर जनजातीय समाज की स्थापना हो रही है। 

सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि आदिवासी समाज स्वतंत्रता के आंदोलन में अग्रिम पंक्ति में लडऩे वाला समाज है। उन्होंने कहा कि भगवान धरती आबा बिरसा मुण्डा और शहीद वीर नारायण सिंह ने अपनी पूरी संपत्ति समाज के लिए अर्पित कर दिया। इसी तरह वीर गुंडाधुर, वीर सुरेंद्र साय, रामाधीन गौड़, तिलक मांझी सहित ऐसे अनेक नाम हैं जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

    कार्यक्रम को पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ महासभा के डॉ. देवेन्द्र माहला ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चन्द्रवंशी सहित अनेक पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में सामाजिकबंधु और ग्रामीण उपस्थित थे।

 साहिबजादों के वीरता एवं बलिदान को जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता - मुख्यमंत्री श्री साय

साहिबजादों के वीरता एवं बलिदान को जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता - मुख्यमंत्री श्री साय

 साहिबजादों के वीरता एवं बलिदान को जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता - मुख्यमंत्री श्री साय

साहिबजादों के वीरता एवं बलिदान को जन जन तक पहुंचाने की आवश्यकता - मुख्यमंत्री श्री साय

सिख वीरों के बलिदान की गाथाओं को शामिल किया किया गया है शैक्षणिक पाठ्यक्रम में

मुख्यमंत्री श्री साय ने साहिबजादों की शहादत को किया नमन,वीर बाल दिवस पर रेलवे स्टेशन गुरुद्वारा में  टेका मत्था

वीर बाल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम राजधानी स्थित रेल्वे स्टेशन गुरुद्वारा पहुंचकर साहिबजादों की शहादत को नमन किया एवं मत्था टेका।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रथम गुरु गुरुनानक देव से लेकर 10वें गुरु तक सिख धर्म के सभी गुरुओं और उनके परिवारों ने देश की रक्षा के लिए कुर्बानियां दीं। भारतीय इतिहास में सिख वीरों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 

वीर बाल दिवस 10वें सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह के छोटे बेटों की असाधारण वीरता और शहादत की याद दिलाता है। साहिबजादा फतेह सिंह और जोरावर सिंह की शहादत पर हर वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की शुरुआत हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने की। लगातार यह दिवस समारोह भव्यता एवं विराट रूप में मना रहे है। बहुत छोटी उम्र में साहिबजादों ने अन्याय के सामने झुकने से इनकार कर दिया और धर्म व सच्चाई की रक्षा के लिए महान साहस दिखाया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सच्चाई, हिम्मत और आत्मसम्मान सबसे बड़ी ताकत हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा सिख समाज की मांग पर हमारी सरकार साहिबजादों की बलिदान की गाथाओं को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया गया हैं। कक्षा तीसरी की पाठ्यक्रम में इसे पढ़ाया जाएगा। निश्चित ही आने वाले पीढ़ियों को साहिबजादों के बलिदानों एवं साहस के बारे में जानकारी मिलेगी।  हमारे देश के ऐसे वीर बलिदानों को इतिहास में स्वाभाविक स्थान नहीं मिला था जिसे हमारी सरकार वीर बाल दिवस की घोषणा कर उनकी वीरता एवं साहस को समाज के जन जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है ।

इस अवसर पर क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी,नान अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी अध्यक्ष श्री सुरेन्दर सिंह छाबड़ा सहित सिख समाज के प्रतिनिधिगण बड़ी संख्या उपस्थित थे।

 धार्मिक आस्था एवं देश की रक्षा के लिए सिख समाज का योगदान अतुलनीय - मुख्यमंत्री श्री साय

धार्मिक आस्था एवं देश की रक्षा के लिए सिख समाज का योगदान अतुलनीय - मुख्यमंत्री श्री साय

 धार्मिक आस्था एवं देश की रक्षा के लिए सिख समाज का योगदान अतुलनीय - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने 4 वीर बालकों को वीरता सम्मान से किया सम्मानित

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज वीर बाल दिवस के अवसर पर अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ सिविल सोसाईटी द्वारा आयोजित वीरता सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर छत्तीसगढ़ प्रदेश के 4 वीर साहसी बालकों को सम्मानित किया जिसमें साहिब फतेह सिंह वीरता पुरस्कार श्री प्रेमचन्द साहू,साहिबजादा जोरावर सिंह वीरता पुरस्कार कु अंशिका साहू साहिबजादा जुझार सिंह वीरता पुरस्कार कु कांति सिंह, साहिबजादा अजीत सिंह वीरता पुरस्कार श्री ओम उपाध्याय को प्रदान किया गया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा साहिबजादों का बलिदान हमेशा लोगो को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में धर्म,आस्था एवं देश की रक्षा के लिए सिख समाज का योगदान अतुलनीय है।  

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा 26 दिसंबर को हम वीर बाल दिवस मनाते हैं। आज के दिन हम दशम गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों के बलिदान को नमन करते हैं।    इतनी छोटी सी उम्र में साहिबजादों ने वीरता और गौरव की जो मिसाल दिखाई, वो अनुकरणीय है। इतनी छोटी आयु में भी वे किसी दबाव में नहीं आए, अपनी आस्था को नहीं छोड़ा, अपनी आस्था के लिए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान किया। वह हमारे लिए प्रेरणादायक है।

उन्होंने आगे कहा कि आज हमें इस बात का गर्व है कि हम नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान के बारे में अवगत करा रहे हैं। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरुआत की। निश्चित रूप से इस पहल से बच्चों में शौर्य जगाने की जो अलख जगाई गई है वह सराहनीय कदम है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने आयोजन के लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी की प्रशंसा की एवं सभी साहसी बालकों को शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम को दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल एवं राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडेय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ कुलदीप सिंह सोलंकी ने स्वागत भाषण दिया एवं कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी दीं। 

इस अवसर पर क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, श्रीरामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के डॉयरेक्टर वरिष्ठ डॉक्टर श्री संजीव दवे, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय कुलपति डॉ गिरीश चंदेल,आईएमए अध्यक्ष डॉ नीरज शर्मा,डॉ वर्तिका मिश्रा,वरिष्ठ समाजसेवी श्री अजय काले, वरिष्ठ शिक्षाविद श्री संजय जोशी, सहित छत्तीसगढ़ सिविल सोसाईटी के सदस्यगण उपस्थित रहे।

Friday, December 26, 2025

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘गाय धर्म एवं विज्ञान’ ग्रंथ का किया विमोचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘गाय धर्म एवं विज्ञान’ ग्रंथ का किया विमोचन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘गाय धर्म एवं विज्ञान’ ग्रंथ का किया विमोचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘गाय धर्म एवं विज्ञान’ ग्रंथ का किया विमोचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा–2025 के लिए तैयार किए गए संदर्भ ग्रंथ “गाय धर्म एवं विज्ञान” के नवीनतम संस्करण का अपने निवास कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रंथ को गौ विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों और समाज के लिए उपयोगी बताते हुए समिति के प्रयासों की सराहना की और इसे ज्ञानवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

इस अवसर पर ग्रंथ के संपादक श्री सुबोध राठी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुस्तक में गौ की उत्पत्ति से जुड़े पौराणिक तथ्यों के साथ-साथ गाय के दूध, दही, घी, गोबर और गोमूत्र पर हुए विभिन्न वैज्ञानिक शोधों को प्रमाणों सहित बच्चों के अध्ययन हेतु सरल एवं व्यवस्थित रूप में संकलित किया गया है। इसके साथ ही गौ-आधारित कृषि, पंचगव्य उत्पादों का वैज्ञानिक विश्लेषण तथा गौ के पर्यावरणीय महत्व को भी विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।

विमोचन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रांत संयोजक श्री अन्ना सपारे, श्री मनोज पाण्डेय, श्री हार्दिक कोटक, श्री मन्मथ शर्मा, श्री दुलार सिंह सिन्हा, श्री हेमराज सोनी, श्री विक्रम केवलानी, श्री अनुज तुलावी, श्रीमती रेवा यादव, श्री विक्रांत शर्मा, श्री श्याम अड़ेपवार, श्री शंभु दास महंत सहित संपादक मंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।

 स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

 स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

 स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर की प्रथम महिला विधायक स्वर्गीय श्रीमती रजनी दत्तात्रेय उपासने के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री “अनटोल्ड स्टोरी ऑफ स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने” का विमोचन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्रीमती उपासने के सामाजिक, राजनीतिक एवं जनसेवा से जुड़े योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और प्रेरणा का प्रतीक रहा है। आपातकाल जैसे कठिन दौर में लोकतंत्र की रक्षा से लेकर रायपुर के विकास, महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान तक उनका योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कि यह डॉक्यूमेंट्री आने वाली पीढ़ियों को उनके व्यक्तित्व और कार्यों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगी। विमोचन कार्यक्रम के दौरान श्री सच्चिदानंद उपासने सहित उनके परिजन उपस्थित थे।