Thursday, June 22, 2017

जमीन अधिग्रहण को लेकर MH में हिंसक हुआ आंदोलन, MP के किसान ने भी दी जान

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नई दिल्ली, ब्यूरो। मध्यप्रदेश और महाराष्ट में किसान आंदोलन की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर, मध्य प्रदेश के सागर जिले के बसहरी गांव में 50 वर्षीय किसान ने बुधवार को आत्महत्या कर ली है। किसान आत्महत्या करने से पहले एक नोट लिख कर गया है, जिसमें उसने साहूकार पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार किसाानों की हत्या करवा रही है। पिछले 5 दिनों में 16 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने बुधवार शाम को ट्वीट कर कहा कि, ‘भाजपा सरकार किसानों को मौत के मुंह मे धकेल रही है।’

बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मंदसौर के बड़वन गांव पहुंचे थे। शिवराज ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। परिवारजनों ने सीएम के सामने इंसाफ की मांग रखी थी। इससे पहले शिवराज किसानों को मनाने के लिए उपवास पर भी बैठे थे।

हाइवे पर कई गाड़ियां फंूकी
दूसरी ओर, महाराष्ट्र में ठाणे-बदलापुर हाइवे पर किसानों का आंदोलन हिंसक हो गया है। अपनी जमीन के अधिग्रहण को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने आगजनी शुरू कर दी है। हाइवे पर कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया है। किसानों और पुलिस में झड़प की खबरें भी आ रही हैं।

असल में इन किसानों का आरोप है कि रक्षा मंत्रालय ने इनकी जमीन का अधिग्रहण कर लिया और उसके लिए गांववालों की मंजूरी नहीं ली गई है। सरकार यह अधिग्रहण जबर्दस्ती कर रही है। इससे पहले किसानों ने शांतिपूर्वक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया लेकिन गुरुवार को यह आंदोलन हिंसक हो गया।

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस भेजी गई है। 15 दिन से भी कम समय में महाराष्ट्र के किसानों का यह दूसरा हिंसक आंदोलन है। इससे पहले हिंसक आंदोलन को शांत करवाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने किसानों का 30 हजार करोड़ का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी।

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