भोपाल, ब्यूरो। मध्यप्रदेश में अवैध उत्खनन पर सरकार का शिकंजा कसता जा रहा है। राज्य मे चल रहे बेधड़क उत्खनन पर रोक लगाने के लिए पहली बड़ी कार्रवाई ग्वालियर कलेक्टर ने की है। कलेक्टर ने डबरा तहसील के बिलौआ गांव में संचालित स्टोन क्रेशन की 23 फर्मों को लीज सीमा से बाहर अवैध उत्खनन पर करीब 300 करोड़ रुपए के जुर्माना का नोटिस भेजा है। इस कार्रवाई के बाद अवैध उत्खनन करने वाले खनन कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि रॉयल्टी का 30 गुना जुर्माना लगाने का नियम हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार ने लागू किया था।
एक वेबपोर्टल की खबर के मुताबिक कलेक्टर ने 28 जुलाई को खनन कारोबारी मनोहर लाल भल्ला समेत अन्य को नोटिस जारी किए थे।जिसमें डबरा के तत्कालीन एसडीएम अमनवीर सिंह बैस की रिपोर्ट का हवाला दिया है। एसडीएम ने 18 अप्रैल 2017 को कलेक्टर को भेजी रिपोर्ट में बताया कि मप्र गौण खनिज नियम 1996 के नियम 53 में उल्लेखित प्रावधानों के तहत ग्राम बिलौआ में पट्टाधारियों ने स्वीकृत लीज क्षेत्र से बाहर अवैध उत्खनन किया है। कलेक्टर ने लीज धारक मनोहर लाल भल्ला को 39 हजार घन मीटर बोल्डर के अवैध उत्खनन पर 19 लाख 53 हजार की रॉयल्टी तय की।
नए प्रावधानों के अनुसार रॉयल्टी का 30 गुना जुर्माना 5 करोड़ 85 लाख 90 हजार का नोटिस भेजा गया है। कलेक्टर ने सभी 23 लीज धारकों को अवैध उत्खनन के लिए करीब 300 करोड़ के जुर्माने का नोटिस भेजा है।
माफिया से सांठगांठ के आरोप
क्रेशर संचालकों पर अवैध उत्खनन मामले मेंं जुर्माने का नोटिस तत्कालीन कलेक्टर संजय गोयल ने 1 जुलाई को तैयार किया था। इस बीच उनका तबादला हो गया। नए कलेक्टर राहुल जैन ने उस नोटिस पर 28 जुलाई को जारी किया। इस बीच के्रशन संचालक कलेक्टर से लगातार मिलते रहे। राहुल जैन इससे पहले रीवा कलेक्टर थे, तब भाजपा विधायक नीलम मिश्रा ने उन पर खनन माफिया के साथ मिलकर अवैध उत्खनन कराने के आरोप लगाए थे। विधायक के मुताबिक 1800 करोड़ की रॉयल्टी का खनिज उत्खनन हुआ, लेकिन सरकार के खजाने में सिर्फ 30 करोड़ की रॉयल्टी आई। उन्होंने मुख्यमंत्री को भी लिखित शिकायत की थी। हालांकि इस कार्रवाई के संबंध में ग्वालियर कलेक्टर राहुल जैेन से चर्चा करना चाही तो उनका फोन पीए ने उठाया।
Friday, August 11, 2017
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Author: Sadbhavna News verified_user
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