Monday, August 19, 2024

BJP के बाद TMC ने मांगा सिद्धरमैया का इस्तीफा, कोलकाता पीड़िता के पक्ष में खड़े होना कांग्रेस को पड़ा भारी

SHARE

 BJP के बाद TMC ने मांगा सिद्धरमैया का इस्तीफा, कोलकाता पीड़िता के पक्ष में खड़े होना कांग्रेस को पड़ा भारी


आईएनडीआईए गठबंधन की ज्यादातर पार्टियों ने कोलकाता की ट्रेनी डॉक्टर के लिए न्याय की मांग की है और ममता बनर्जी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन किया है। हालांकि राहुल गांधी एक ऐसे बड़े नेता हैं जिन्होंने गठबंधन की तरफ से कहा कि कोलकाता की पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है।



ममता सरकार को घिरता देख टीएमसी ने कांग्रेस पर कड़ा पलटवार किया है।

 तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला बोला। टीएमसी ने यह पलटवार आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में राहुल गांधी की एक टिप्पणी के बाद आया है।

दरअसल, आईएनडीआईए गठबंधन की ज्यादातर पार्टियों ने ट्रेनी डॉक्टर के लिए न्याय की मांग की है। वहीं, ममता बनर्जी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन किया है। हालांकि, राहुल गांधी एक ऐसे बड़े नेता हैं जिन्होंने कहा कि "कोलकाता की पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है।"

इसके अलावा बंगाल कांग्रेस भी टीएमसी सरकार के विरोध में सड़कों पर उतर आई है।
राहुल गांधी आप अपने मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने के लिए कहेंगे?

अपनी सरकार को घिरता देख टीएमसी ने कांग्रेस पर कड़ा पलटवार किया है। MUDA जमीन घोटाले में आए नाम के बाद कर्नाटक के सीएम सिद्धरमैया को लेकर टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद कुणाल घोष ने कहा, "क्या राहुल गांधी आप अपने मुख्यमंत्री से इस्तीफा देने के लिए कहेंगे? यह भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप है। पश्चिम बंगाल की घटना के बारे में सही जानकारी के बिना, ममता बनर्जी द्वारा उठाए गए कदमों को जाने बिना, आपने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की। अब, क्या आप कृपया अपने सीएम को लेकर कदम उठाएंगे?"

राहुल गांधी ने किया कहा?

राहुल ने गुरुवार को एक्स पर कहा, "मैं इस असहनीय पीड़ा में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा हूं। उन्हें हर कीमत पर न्याय मिलना चाहिए और दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि समाज में इसे एक उदाहरण के तौर पर पेश किया जाए। पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय आरोपियों को बचाने की कोशिश अस्पताल और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।"
SHARE

Author: verified_user

0 comments: