Sunday, September 29, 2024

विदेशी खिलाड़ी नहीं दे पाएंगे फ्रेंचाइजियों को 'धोखा', BCCI के एक नियम ने तोड़ दिए तिजोरी भरने के सपने

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 विदेशी खिलाड़ी नहीं दे पाएंगे फ्रेंचाइजियों को 'धोखा', BCCI के एक नियम ने तोड़ दिए तिजोरी भरने के सपने


बीसीसीआई ने आईपीएल को लेकर नए नियम लागू किए हैं। आईपीएल गर्वनिंग काउंसिल की शनिवार को बैठक हुई जिसमें कई ऐतिहासिक फैसले हुए। इसमें बीसीसीआई ने विदेशी खिलाड़ियों को मनमर्जी करने से रोकने का इंतजाम किया है। बीसीसीआई इसे लेकर सख्त नियम लेकर आ रही है। विदेशी खिलाड़ियों के लिए ये अच्छी खबर नहीं होगी लेकिन इससे फ्रेंचाइजियों का नुकसान नहीं होगा।

आईपीएल को लेकर बीसीसीआई ने बनाए नए नियम

 बीसीसीआई ने आईपीएल को लेकर नए नियमों का एलान किया है। शनिवार को हुई आईपीएल गर्वनिंग काउंसिल की बैठक में कई अहम और ऐतिहासिक फैसले किए गए। इसमें एक फैसले ने विदेशी खिलाड़ियों को उनकी मनमर्जी करने से रोक दिया है। बीसीसीआई ने आईपीएल 2025 से 2027 सेशन के लिए कुछ नियम बनाए हैं। इसमें बीसीसीआई ने विदेशी खिलाड़ियों को लेकर बड़ा फैसला किया है।

बीसीसीआई के नए नियम के मुताबिक अगर कोई खिलाड़ी नीलामी में खरीदा जाता है और फिर अपना नाम वापस ले लेता है तो उस पर दो साल का बैन लगाया जा सकता है। कई बार विदेशी खिलाड़ी नीलामी में बिकने के बाद सीजन की शुरुआत से पहले नाम वापस ले लेते हैं। बीसीसीआई इससे बचना चाहता है ताकि फ्रेंचाइजियों को नुकसान न हो सके।

नीलामी में लेना होगा हिस्सा

कई विदेशी खिलाड़ी मेगा निलामी में हिस्सा नहीं लेते हैं और छोटी निलामी में उतरते हैं। इससे होता ये है कि उन पर जमकर पैसा बरसता है। मेगा नीलामी में टीमों को ज्यादा खिलाड़ी खरीदने होते हैं तो वह सोच-समझकर पैसा खर्च करती हैं, लेकिन मिनी ऑक्शन में टीमों को कम खिलाड़ी खरीदने होते हैं तो वह जमकर पैसा लुटाती हैं। इसका फायदा विदेशी क्रिकेटर ज्यादा उठाते हैं और अपने आप को मेगा ऑक्शन से बाहर रख मिनी ऑक्शन में रजिस्टर कराते हैं।

पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क ने आईपीएल-2023 के लिए हुई मेगा नीलामी में अपना नाम नहीं दिया था लेकिन आईपीएल-2024 के लिए हुई मिनी ऑक्शन में रजिस्टर कराया था जिससे इन दोनों पर करोड़ों रुपये बरसे थे। कमिंस को सनराइजर्स हैदराबाद ने 20.75 करोड़ में खरीदा था तो वहीं स्टार्क को केकेआर ने 24.75 करोड़ में खरीदा था। बीसीसीआई ने कहा है कि अगर खिलाड़ी अपना नाम मेगा ऑक्शन में नहीं देते हैं तो फिर वह अगले दो साल तक नीलामी में नहीं उतर सकते।
राइट-टू-मैच कार्ड से कोर टीम बनाने में मिलेगी मदद

आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में फ्रेंचाइजों को कोर टीम बनाए रखने में मदद के लिए गवर्निंग काउंसिल ने राइट टू मैच कार्ड शुरू किया है। इसके अनुसार हर फ्रेंचाइजी रिटेन किए गए खिलाड़ियों के अलावा टीम के पूर्व खिलाड़ी को बनाए रखने के लिए इस अधिकार का प्रयोग कर सकती है।

अगर कोई फ्रेंचाइजी तीन खिलाड़ी को रिटेन करती है तो वह इस कार्ड का प्रयोग तीन बार कर सकती है। वहीं, पांच खिलाड़ियों को रिटेन करने वाली फ्रेंचाइजी इसका प्रयोग एक बार कर सकती है। इसमें फ्रेंचाइजी को नीलामी के दौरान खिलाड़ी पर दूसरी टीम की ओर से लगाई गई सर्वाधिक बोली की राशि पर खिलाड़ी को रिटेन करने का अवसर मिलेगा।
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