टीम नहीं बवंडर है चेन्नई सुपर किंग्स, खिताबी छक्का लगना तय, बस करनी है एक कमी खत्म
चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक है। इस टीम ने मुंबई इंडियंस के बराबर पांच खिताब जीते है। वहीं ये टीम सबसे ज्यादा बार प्लेऑफ में जाने में सफल रही है। इस बार टीम की कोशिश अपना छठा खिताब जीतने की है। टीम कागजों पर शानदार लग रही है। बताते हैं आपको इस टीम की ताकत और कमजोरी।
अपने छठे खिताब की तलाश में चेन्नईभारत के क्रिकेट प्रेमियों को जिस का इंतजार रहता है वो समय आ गया है। क्रिकेट का त्योहार यानी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) शुरू होने जा रहा है। 22 मार्च से 10 फ्रेंचाइजियों की जंग शुरू हो जाएगी और नजरें एक बार फिर सबसे ज्यादा पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स पर होंगी। वो टीम जिसमें एमएस धोनी खेलते हैं और धोनी के फैंस साल भर उन्हें खेलता देखने के लिए आईपीएल का इंतजार करते हैं। आईपीएल-2025 में चेन्नई की नजरें छठे खिताब पर होंगी।
एमएस धोनी की कप्तानी में चेन्नई ने पांच बार आईपीएल जीता है। पिछले साल धोनी ने कप्तानी छोड़ दी थी और ऋतुराज गायकवाड़ को टीम का कप्तान बनाया था। टीम काफी करीब से प्लेऑफ से चूक गई थी, लेकिन इस टीम की आदत है वापसी करना है और इस बार इसलिए ये टीम ज्यादा खतरनाक है। इस टीम ने 2010, 2011, 2018, 2021 और 2023 में आईपीएल खिताब जीता है।
इस सीजन मेगा नीलामी में टीम ने अपने कोर खिलाड़ियों को बनाए रखा था। कुछ पुराने खिलाड़ियों को भी टीम में वापसी हुई है जिसमें रविचंद्रन अश्विन और सैम करन के नाम शामिल हैं। राहुल त्रिपाठी, खलील अहमद, नूर अहमद, विजय शंकर, दीपक हुड्डा, नाथन एलिस, जेमी ओवरटन, कमलेश नागरकोटी जैसे खिलाड़ी टीम में इस सीजन खेलते हुए नजर आएंगे। हम आपको बता रहे हैं इस टीम की क्या है ताकत और क्या है कमजोरी?
ताकतचेन्नई सुपर किंग्स की ताकत उसकी मजबूत बल्लेबाजी है। टीम के कप्तान ऋतुराज ने लगातार आईपीएल में अच्छा किया है। उनका नाम टॉप-5 स्कोरर में हर साल रहता है। कप्तान बल्लेबाजी की धुरी होंगे इस बात में कोई शक नहीं है। इसके अलावा डेवन कॉन्वे और रचिन रवींद्र भी टीम की बल्लेबाजी की अहम कड़ी हैं। इन तीनों पर टॉप ऑर्डर की जिम्मेदारी रहेगी।
सनराइजर्स हैदराबाद में रहते हुए अपनी तूफानी बल्लेबाजी से टीम को मजबूत करने वाले राहुल त्रिपाठी पहली बार चेन्नई में खलेंगे तो उनकी कोशिश भी टीम को मजबूत करने की होगी। इसके अलावा टीम के पास दीपक हुड्डा, शिवम दुबे जैसे बल्लेबाज हैं जो अंत में तेजी से रन बना सकते हैं। और सबसे बड़ी बात टीम के पास धोनी जैसा फिनिशर है। धोनी पिछले सीजन अपनी पूरी लय में दिखे थे।
इसके अलावा टीम की स्पिन गेंदबाजी भी काफी मजबूत है। रवींद्र जडेजा और अश्विन की जोड़ी साथ में हो तो किसी भी बल्लेबाजी क्रम का टिकना मुश्किल होता है। इसमें नूर अहमद जैसा अफगानी स्पिनर भी अब जुड़ गया जिससे इस टीम की स्पिन की ताकत तीन गुनी हो गई है।
कमजोरीटीम की कमजोरी तेज गेंदबाजी दिख रही है। यहां टीम के पास ऐसा कोई गेंदबाज नहीं दिख रहा है जिसके पास टीम को आगे ले जाने की ताकत है। खलील अहमद, सैम करन, विजय शंकर, कमलेश नागरकोटी, अंशुल कम्बोज, मथीशा पथीराना, नाथन एलिस जैसे नाम तो हैं जो असरदार साबित हो सकते हैं, लेकिन टी20 के लिहाज से टीम के पास जरूरी फायर पावर नहीं है। यहां पावरप्ले और डैथ ओवरों में टीम को परेशानी हो सकती है।
मौकेचेन्नई ने इस साल नीलमी में कुछ नए चेहरों पर दांव लगाया है। अगर उसका ये दांव चल गया तो फिर अच्छा होगा। अंशुल कम्बोज ने भारत के घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। वह इस सीजन सभी की नजरों में होंगे। अंशुल ने जो प्रदर्शन घरेलू क्रिकेट में किया है वो दोहरा दिया तो चेन्नई के लिए शानदार है।
डरटीम का सबसे बड़ा डर अनुभवहीन कप्तान है। गायकवाड़ के पास कप्तानी का ज्यादा अनुभव नहीं है और ये कमी पिछले सीजन भी दिखी थी। दबाव में और अहम मौकों पर गायकवाड़ की फैसले लेने की काबिलियत टीम के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। इसके अलावा अगर स्टार फेल होते हैं तो फिर टीम का लड़खड़ाना तय है।
चेन्नई सुपर किंग्सऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), एमएस धोनी (विकेटकीपर), मथीसा पथीराना, रवींद्र जडेजा, डेवन कॉन्वे, रचिन रवींद्र, राहुल त्रिपाठी, आर अश्विन, शिवम दुबे, खलील अहमद, नूर अहमद, विजय शंकर, सैम करन, शेख रशीद, अंशुल कम्बोज, मुकेश चौधरी, दीपक हुड्डा, गुरजनप्रीत सिंह, नाथन एलिस, जेमी ओवरटन, कमलेश नागरकोटी, रामकृष्ण घोष, श्रेयस गोपाल, वंश बेदी, आंद्रे सिद्धार्थ।
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