Saturday, April 5, 2025

Manoj Kumar के अंतिम दर्शन करने लड़खड़ाते हुए पहुंचे सलीम खान, Amitabh Bachchan ने हाथ पकड़कर लगाया गले

SHARE
Manoj Kumar के अंतिम दर्शन करने लड़खड़ाते हुए पहुंचे सलीम खान, Amitabh Bachchan ने हाथ पकड़कर लगाया गले

अभिनेता अमिताभ बच्चन और लेखक सलीम खान शनिवार को मनोज कुमार के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में अमिताभ सलीम को गले लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। मनोज का अंतिम संस्कार जुहू स्थित पवन हंस श्मशान घाट पर किया गया। सोशल मीडिया पर उनका ये वीडियो काफी ज्यादा वायरल हो रहा है।

अमिताभ बच्चन और सलीम की मुलाकात (Photo: Instagram)

 बीते 4 अप्रैल को दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार (Manoj Kumar) का निधन हो गया। एक्टर 87 साल के थे और काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में सुबह करीब 3.30 पर उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली।


आज उनका अंतिम संस्कार मुंबई स्थित पवन हंस श्मशान घाट पर कर दिया गया। इस दौरान भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के कई अनुभवी अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार को अंतिम विदाई देने के लिए साथ आए।


राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कारजुहू में स्थित पवन हंस शमशान घाट पर तीन तोपों की सलामी और पूरे राजकीय सम्मान के साथ मनोज कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे कुणाल गोस्वामी ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में अमिताभ बच्चन,सलीम खान के अलावा सुभाष घई, विंदु दारा सिंह, राजपाल यादव, अनु मलिक, जायद खान समेत कई हस्तियां शामिल हुए।मनोज कुमार को उनकी देशभक्ति की फिल्मों की वजह से भारत कुमार के नाम से भी जाना जाता है। उनके पार्थिव शरीर को भारतीय तिरंगे में लपेटा गया।

अंतिम दर्शन के लिए आए कई सितारेसोशल मीडिया पर अमिताभ बच्चन और सलीम खान का एक वीडियो वायरल हो रहा है। सलीम अपने बेटे अरबाज खान के साथ वहां पहुंचे थे। लड़खड़ाते हुए लेखक अपनी गाड़ी से निकले और सिक्योरिटी के लोग उन्हें सहारा देते नजर आए। इस दौरान मेगास्टार अमिताभ बच्चन और सलीम की मुलाकात हुई। सलीम साहब को देखते ही अमिताभ बच्चन सिक्योरिटी तोड़ते हुए आगे बढ़े और उन्हें गले लगा लिया।

कई फिल्मों में कर चुके हैं कामसलीम-जावेद की प्रसिद्ध जोड़ी ने अमिताभ बच्चन ने कई फिल्में लिखीं जिनमें से अमिताभ बच्चन ने भी कई फिल्मों में काम किया। दीवार और शोले इनमें से एक हैं। इनके सहयोग ने 1970 और 1980 के दशक के दौरान हिंदी सिनेमा को एक आकार दिया।

उनकी फिल्में पूरब और पश्चिम, क्रांति, शहीद, रोटी, कपड़ा और मकान देशभक्ति की थीम पर आधारित थीं। मनोज कुमार की फिल्मों ने न केवल उनके प्रशंसकों पर बल्कि इंडस्ट्री पर भी अमिट छाप छोड़ी।
SHARE

Author: verified_user

0 comments: