Friday, May 16, 2025

कॉमेडी से पढ़ाया था राष्ट्रवाद का पाठ, 1965 में मस्ट वॉच निकली थी Mehmood की ये यादगार फिल्म

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 कॉमेडी से पढ़ाया था राष्ट्रवाद का पाठ, 1965 में मस्ट वॉच निकली थी Mehmood की ये यादगार फिल्म


सिनेमा के कॉमेडी किंग महमूद अली और आई एस जौहर ने मिलकर एक साथ कई मूवीज में काम किया। एक मूवी में दोनों ने मिलकर राम और रहीम नामक दो किरदारों के माध्यम से राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया गया है। आई एस जौहर ने कॉमेडी के माध्यम से इस गंभीर मुद्दे को उठाया और दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ देशभक्ति का संदेश भी दिया।

अभिनेता महमूद की कल्ट मूवी (फोटो क्रेडिट- यूट्यूब)

 गोवा एक ऐसा शहर है, जहां हर कोई चिल करना पसंद करता है। लेकिन क्या आपको इस बात की जानकारी है कि देश की आजादी के बाद गोवा पुर्तगाल के अधीन था, जिसे 1961 में भारतीय सेना के हस्तक्षेप के बाद आजादी मिली।


इस मुद्दे पर कॉमेडी किंग रहे अभिनेता महमूद अली (Mehmood Ali) ने एक विशेष फिल्म जिसका नाम था- जौहर महमूद इन गोवा। इस फिल्म ने ऑडियंस का दिल जीता और सफलता हासिल की। आइए इसके बारे में थोड़ा और विस्तार से जानते हैं कि कैसे ये एक मस्ट वॉच मूवी बन गई थी।


क्या है फिल्म की कहानी?महमूद के करीबी दोस्त और फेमस फिल्ममेकर आईएस जौहर ने जौहर महमूद इन गोवा निर्देशन किया। राम-रहीम के नाम आपको कई कवियों की कविता और कहानियों में सुनने को मिल जाते हैं। लेकिन फिल्म जौहर महमूद इन गोवा में आपको इन्हीं नाम के दो किरदार देखने को मिलते हैं।





फोटो क्रेडिट- IMDB

2 घंटे 16 मिनट की वाली इस मूवी में दिखाया गया है कि गोवा में एक मैरी (सुलोचना) नाम की महिला होती है, जिसकी शादी पीटर (सुरेंद्रनाथ) से होने वाली होती है जोकि सेना का सिपाही है। उसे युद्ध लड़ने के लिए रेजीमेंट से बुलावा आता है और वह गर्भवती मैरी को छोड़कर चला जाता है। हालांकि, उसकी घर वापसी ने होने के बाद उसे मारा हुआ समझा जाता है। मैरी दो जुड़वा लड़को को जन्म देती है और दोनों को अलग-अलग धर्म के लोगों के दरवाजे पर छोड़ आती है।




फोटो क्रेडिट- फेसबुकएक नाम रहीम (महमूद) और एक राम (आईएस जौहर) होता है। भूमिगत प्रतिरोध आंदोलन के सदस्य बनकर ये दोनों नई क्रांति लाने के कोशिश करते हैं। लेकिन फिर इनकी जिंदगी में नया मोड़ आता है। जब क्लाईमैक्स में उन्हें अपने पिता और माता का पता चलता है।


कॉमेडी से पढ़ाया राष्ट्रवाद का पाठयूं तो जौहर महमूद इन गोवा एक कॉमेडी फिल्म थी। लेकिन महमूद का किरदार इसमें काफी सीरियस दिखाया गया था। आईएस जौहर ने मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए कॉमेडी के जरिए राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा दिया था। इसके अलावा दोस्ती की असली मिसाल क्या होती है, वो आपको जौहर महमूद इन गोवा में आसानी से देखने में मिल जाएगी। देशभक्ति फिल्म के तौर भी इसका जिक्र समय-समय पर होता है।


जौहर इन फ्रेंचाइजी की हुई शुरुआतआई जौहर ने सिनेमा जगत में जौहर इन फ्रेंचाइजी का आगाज जौहर महमूद इन गोवा से किया था। इस आधार पर उन्होंने कई लोकप्रिय फिल्में बनाईं, जिनके नाम इस प्रकार हैं-



जौहर इन कश्मीर (1966)


जौहर इन बॉम्बे (1967)


जौहर इन हांगकांग (1971)इन सभी फिल्मों के जरिए आईएस जौहर ने महमूद के साथ मिलकर सिनेप्रेमियों को एक अलग तरीके से एंटरटेन करने का सफल प्रयास किया था।
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