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Wednesday, December 31, 2025

 ए साल से पहले सिलिकॉन वैली को अलविदा कह देंगे अमेरिका के दो बड़े अरबपति, क्या है वजह?

ए साल से पहले सिलिकॉन वैली को अलविदा कह देंगे अमेरिका के दो बड़े अरबपति, क्या है वजह?

 ए साल से पहले सिलिकॉन वैली को अलविदा कह देंगे अमेरिका के दो बड़े अरबपति, क्या है वजह?



कैलिफोर्निया के दो अरबपति, पीटर थील और गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज, नए साल से पहले सिलिकॉन वैली छोड़ने का फैसला किया है। कैलिफोर्निया सरकार के प्रस्त ...और पढ़ें








टेक अरबपति पीटर थील और गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज। फाइल फोटो


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कैलिफोर्निया की सिलिकॉन वैली को अमीरों का सबसे पसंदीदा आशियाना कहा जाता है। हॉलीवुड सुपरस्टार से लेकर दिग्गज टेक कंपनियों के सीईओ का घर इसी जगह पर मौजूद है। हालांकि, नए साल से पहले 2 अरबपतियों ने सिलिकॉन वैली को छोड़ने का फैसला कर लिया है।


टेक अरबपति पीटर थील और गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज ने न्यू ईयर ईव पर कैलिफोर्निया से नाता तोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कैलिफोर्निया सरकार ने 1 अरब डॉलर से अधिक संपत्ति वाले लोगों पर 5 प्रतिशत का टैक्स लगाने का विधेयक पेश किया है, जिसके कारण दोनों अरबपतियों ने राज्य छोड़ने का फैसला किया है।



हॉलीवुड हिल्स में है आशियाना

पीटल थील और लैरी पेज लंबे समय से कैलिफोर्निया में रह रहे हैं। हॉलीवुड हिल्स में दोनों के आलीशान बंगले हैं। वहीं, लॉस एंजिल्स में थील अपनी प्राइवेट फर्म भी चलाते हैं। मगर, अब दोनों कैलिफोर्निया से बाहर अमेरिका के अन्य राज्यों में बसने की तैयारी कर रहे हैं। लैरी पेज की 3 कंपनियों ने फ्लोरिडा नगर निगम में दस्तावेज दाखिल किए हैं।

देना होगा अरबों डॉलर का टैक्स

बता दें कि अगर कैलिफोर्निया सरकार नए विधेयक को मंजूरी देती है, तो यह 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो जाएगा। ऐसे में 1 अरब डॉलर से अधिक संपत्ति रखने वाले लोगों को अपनी कुल संपत्ति का 5 प्रतिशत कर देना पड़ेगा। लैरी की संभावित नेट वर्थ 258 अरब डॉलर है, ऐसे में उन्हें 12 अरब डॉलर से अधिक का टैक्स भुगतान करना पड़ सकता है। वहीं, थील की नेट वर्थ 27.5 अरब डॉलर है और उन्हें 1.2 अरब डॉलर का टैक्स देना पड़ेगा।

टैक्स से बचने का तरीका

कैलिफोर्निया सरकार ने इस विधेयक को नवंबर 2026 में पेश किया था, जिसे पास होने के लिए कुछ हस्ताक्षरों की जरूरत है। ऐसे में टैक्स से बचने के लिए अरबपतियों के पास सिर्फ एक ही रास्ता बचा है कि वो कैलिफोर्निया के निवासी न रहें। इसके लिए अरबपतियों के पास चंद घंटे ही बचे हैं।

अरबपतियों के पलायन पर सियासत तेज

कैलिफोर्निया में सिलिकॉन वैली का प्रतिनिधित्व करने वाले डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना से जब अरबपतियों के पलायन के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "मुझे उनकी बहुत याद आएगी।" कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम ने इसपर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अगर यह विधेयक पारित हुआ, तो अमीर लोग टैक्सास और फ्लोरिडा जैसे राज्यों में पलायन कर सकते हैं।
किंग चार्ल्स की न्यू ईयर लिस्ट में शमिल हुए ये भारतीय, नए साल के मौके पर मिलेगा सम्मान

किंग चार्ल्स की न्यू ईयर लिस्ट में शमिल हुए ये भारतीय, नए साल के मौके पर मिलेगा सम्मान

 किंग चार्ल्स की न्यू ईयर लिस्ट में शमिल हुए ये भारतीय, नए साल के मौके पर मिलेगा सम्मान


ब्रिटिश किंग चार्ल्स III की न्यू ईयर सम्मान सूची में कई भारतीयों के नाम शामिल हैं। इसमें पंजाबी मूल की अभिनेत्री और लेखिका मीरा स्याल और भारत में जन्म ...और पढ़ें





किंग चार्ल्स III इन भारतीयों को करेंगे सम्मानित (फोटो-रॉयटर्स)


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिटिश किंग चार्ल्स III की न्यू ईयर सम्मान लिस्ट में कई भारतीयों के नाम शामिल हैं। इसमें पंजाबी मूल की एक्ट्रेस और लेखिका मीरा स्याल का नाम भी है।

ब्रिटिश किंग न्यू ईयर 2026 के मौके पर प्रोफेसर मीना उपाध्याय को भी सम्मानित करेंगे, इनका जन्म भारत में ही हुआ था। किंग की इस लिस्ट में 1,157 लोगों के नाम शामिल हैं। इसमें 14 फीसदी जातीय अल्पसंख्यक हैं।
ब्रिटिश किंग से किसे मिलेगा सम्मान?

ब्रिटिश किंग चार्ल्स की न्यू ईयर सम्मान समारोह की लिस्ट में 64 वर्षीय महिला मीरा स्याल का नाम है। इनके माता-पिता दिल्ली से यूनाइटेड किंगडम में जाकर बस गए थे। मीरा स्याल ब्रिटिश एशियन टीवी कॉमेडी सीरियल 'गुडनेस ग्रेशियस मी' में लेखिका के तौर पर काम कर रही हैं और वह इस सीरियल की स्टारर भी हैं।


मीना उपाध्याय उत्तर प्रदेश के मोदीनगर में रहा करती थीं। 19 साल की उम्र में ये यूके चली गईं। इन्हें वेल्स में सामुदायिक सामंजस्य और चिकित्सा आनुवंशिकी के क्षेत्र में सेवाएं देने के लिए सम्मानित किया गया।
कोहली को भी बड़ा सम्मान

फैशन एंटरप्रेन्योर और खूबसूरत कलेक्शन की फाउंडर मणि कोहली को भी यूनाइटेड किंगडम में सम्मानित किया जाएगा. ये 19 साल की उम्र में दिल्ली से लंदन चली गई थीं। कोहली ने बॉलीवुड स्टार और रॉयल्स के लिए कई ड्रेस डिजाइन की हैं।


सिटी हिंदू नेटवर्क के फाउंडर ध्रुव पटेल और ब्रिटिश बिजनेस बैंक बोर्ड की सीनियर इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नीता अतकर का नाम भी इस लिस्ट में है।

TLC ग्रुप के सीईओ और ब्रिटिश गुजराती पावन पोपट को एडल्ट सोशल केयर में योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

गुरमीत संगीत एकेडमी के फाउंडर और को-डायरेक्टर हरजिंदर सिंह को भी सम्मानित किया जाएगा. ये एक नॉन प्रॉफिट सिक्ख म्यूजिकल स्कूल चलाते हैं।

लीड्स में बलबीर सिंह डांस एकेडमी खोलने के लिए बलबीर सिंह को किंग चार्ल्स III सम्मानित करेंगे।
 हिंदू युवक की कनपटी पर बंदूक रखकर हत्यारे ने पुछा था ये सवाल, बांग्लादेश में बजेंद्र बिस्वास के मर्डर से पहले क्या-क्या हुआ?

हिंदू युवक की कनपटी पर बंदूक रखकर हत्यारे ने पुछा था ये सवाल, बांग्लादेश में बजेंद्र बिस्वास के मर्डर से पहले क्या-क्या हुआ?

 हिंदू युवक की कनपटी पर बंदूक रखकर हत्यारे ने पुछा था ये सवाल, बांग्लादेश में बजेंद्र बिस्वास के मर्डर से पहले क्या-क्या हुआ?


बांग्लादेश के मयमनसिंह में एक और हिंदू युवक, बजेंद्र बिस्वास की उसके सहकर्मी नोमान मियां ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड ...और पढ़ें




पुलिस ने विस्वास के सहकर्मी नोमान मिया को गिरफ्तार किया (फोटो - सोशल मीडिया)


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बांग्लादेश के मयमनसिंह में एक और हिंदू युवक, बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना दीपू चंद्र दास को झूठे ईशनिंदा के आरोपों में पीट-पीटकर मार डालने के कुछ दिनों बाद हुई है। 40 साल के बिस्वास की हत्या उसके ही एक सहकर्मी ने की है।


गोलीबारी सोमवार को शाम करीब 6.30 बजे मेहराबाड़ी इलाके में सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड फैक्ट्री में हुई। बिस्वास बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के तहत एक अर्धसैनिक सहायक बल, अंसार वाहिनी का सदस्य था। ये अर्धसैनिक सहायक बल देश में आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है।



सहकर्मी नोमान ने गोली चलाने से पहले सवाल पूछा

रिपोर्ट्स के अनुसार, बिस्वास की हत्या अंसार वाहिनी के ही एक और सदस्य नोमान मियां ने की है। पुलिस के मुताबिक, नोमान को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस और लोकल सोर्स के हवाले से, बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट RTV ऑनलाइन ने बताया कि घटना के समय फैक्ट्री में कुल 20 अंसार सदस्य काम कर रहे थे।


रिपोर्ट्स के मुताबिक, फैक्ट्री के अंदर दोनों सहकर्मी बैठे थे, तभी नोमान ने अपनी शॉटगन निकली और बिस्वास पर गोली चला दी, जिससे उसकी बाईं जांघ पर गंभीर चोट लग गई। बाद में, उनके साथी विस्वास को उपजिला हेल्थ कॉम्प्लेक्स ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मैमनसिंह में हिंदू युवक बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या

घटना के बारे में बताते हुए, अंसार सदस्य APC और लबीब ग्रुप के इंचार्ज अजहर अली ने बताया, 'घटना के समय अंसार सदस्य नोमान मियां और बजेंद्र मेरे कमरे में एक साथ बैठे थे।


अचानक, उसने बजेंद्र की जांघ पर बंदूक (शॉटगन) तानी और कहा, 'क्या मैं गोली मार दूं?' और फिर गोली चला दी। उसके बाद, नोमान भाग गया।'

इस घटना की पुष्टि करते हुए, मयमनसिंह जिले के एडिशनल सुपरिन्टेंडेंट ऑफ पुलिस (फाइनेंस और एडमिनिस्ट्रेशन) अब्दुल्ला अल मामून ने बताया कि मंगलवार तड़के तुरंत ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसके बाद नोमान को गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने कहा कि हमले के पीछे की वजह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि पीड़ित का शव पहले ही पोस्टमॉर्टम के लिए मयमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुर्दाघर भेज दिया गया है।
दिसंबर में तीसरी हत्या

बांग्लादेश में अशांति के बीच यह हत्या एक हफ्ते से भी कम समय में तीसरी घटना है और मयमनसिंह में दूसरी घटना है। बीते 24 दिसंबर को, 29 साल के अमृत मंडल नाम के एक और हिंदू युवक को कथित तौर पर बांग्लादेश के हुसैनडांगा इलाके में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था।


इससे पहले 18 दिसंबर को, 25 साल के हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को मयमनसिंह के भालुका उपजिला में उसकी फैक्ट्री में एक मुस्लिम सहकर्मी द्वारा झूठे ईशनिंदा के आरोपों पर भीड़ ने पीट-पीटकर बेरहमी से मार डाला था। भीड़ ने दास को मार डाला और फिर उसके शव को एक पेड़ से लटका दिया और आग लगा दी।
 गोलीबारी, हवाई विस्फोट और फिदायीन हमले... PAK ने भुगता आतंकवाद को पनाह देने का खामियाजा, साल 2025 में क्या-क्या हुआ?

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2025 पाकिस्तान के लिए रक्तपात भरा साल रहा, जिसमें आतंकवाद से 3,967 मौतें हुईं, जो 2015 के बाद सर्वाधिक हैं। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को हिंस ...और पढ़ें




साउथ एशियन टेररिज्म पोर्टल के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल हिंसा में 3,967 लोग मारे गए।


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। साल 2025 पाकिस्तान के लिए खून से लथपथ साल साबित हुआ। बंदूक की गोलीबारी, हवाई हमले और आत्मघाती विस्फोटों ने पूरे देश को दहला दिया।

साउथ एशियन टेररिज्म पोर्टल के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल हिंसा में 3,967 लोग मारे गए, जो 2015 के बाद सबसे ज्यादा मौतें हैं। 27 दिसंबर तक 1,070 ऐसी घटनाएं हुईं, जिनमें आम नागरिकों से लेकर सैनिकों और आतंकवादियों तक सब शामिल थे।


इस बढ़ती हिंसा के पीछे मुख्य वजह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को माना जा रहा है, जो अफगानिस्तान के तालिबान से जुड़ा हुआ है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते इस साल और बिगड़ गए, क्योंकि पाकिस्तान का आरोप है कि काबुल टीटीपी को शरण दे रहा है।


टीटीपी की वजह से बिगड़े पाक-अफगान के रिश्ते?

पाकिस्तान ने कई बड़े हमलों के लिए टीटीपी को जिम्मेदार ठहराया है। मिसाल के तौर पर, इस साल की शुरुआत में उत्तर वजीरिस्तान में एक सैन्य परिसर पर आत्मघाती हमले में सात पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।


इसके कुछ दिनों बाद काबुल ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि उसने अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्वी इलाके में हवाई हमले किए, जिसमें कई नागरिक मारे गए। पाकिस्तान ने इस आरोप से इनकार किया।

अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के दावों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वे टीटीपी के नेताओं को शरण नहीं दे रहे और अफगानों को दूसरे देशों में लड़ने की इजाजत नहीं देते। नवंबर की शुरुआत में उनके प्रवक्ता ने कहा कि टीटीपी पाकिस्तानी सेना के अमेरिकी युद्ध में समर्थन और 2002 से आदिवासी इलाकों में ड्रोन हमलों के जवाब में उभरा।

दिसंबर में भी रिश्तों पर जमीं बर्फ नहीं पिघली

तुर्की और कतर ने नवंबर के अंत में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने की कोशिश की, लेकिन ये प्रयास हफ्तों में ही धराशायी हो गए। दिसंबर में सीमा पर झड़पें जारी रहीं। 2021 में अमेरिकी सेनाओं की वापसी के बाद तालिबान की अफगानिस्तान में सत्ता में वापसी से पाकिस्तान-अफगानिस्तान के रिश्ते बिगड़ने लगे।


पाकिस्तान को उम्मीद थी कि काबुल में दोस्ताना सरकार टीटीपी को काबू में करेगी, लेकिन उल्टा टीटीपी और मजबूत हो गया और आदिवासी इलाकों में विद्रोह तेज कर दिया।

Tuesday, December 30, 2025

 ट्रंप को मिलेगा इजरायल का पीस प्राइज, अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद नेतन्याहू ने किया एलान

ट्रंप को मिलेगा इजरायल का पीस प्राइज, अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद नेतन्याहू ने किया एलान

 ट्रंप को मिलेगा इजरायल का पीस प्राइज, अमेरिकी राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद नेतन्याहू ने किया एलान



इजरायल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांति पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लोरिडा में ट्रंप से ...और पढ़ें




अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। फोटो - रायटर्स


ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से मुलाकात की। फ्लोरिडा में हुई इस मुलाकात के चर्चे अभी थमें भी नहीं थे कि इजरायल ने ट्रंप को अपने देश का सर्वोच्च सम्मान देने की घोषणा कर दी है। इजरायल ने ट्रंप को इजरायली शांति पुरस्कार से नवाजने का एलान किया है।


सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि इजरायली सरकार ने ट्रंप को शांति पुरस्कार देने का फैसला किया है। 80 सालों में पहली बार यह पुरस्कार किसी गैर-इजरायली व्यक्ति को दिया जाएगा।
नेतन्याहू ने क्या कहा?

फ्लोरिडा के मार-आ-लागो में ट्रंप के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने प्रेस ब्रीफिंग की। इसी दौरान नेतन्याहू ने ट्रंप को पीस प्राइज देने की घोषणा कर दी। यह एलान सुनने के बाद ट्रंप की खुशी का ठिकाना नहीं था। ट्रंप का कहना था कि उन्हें इसकी बिल्कुल अपेक्षा नहीं थी।

नेतन्याहू नेकहा-

राष्ट्रपति ट्रंप ने कई परंपराओं को तोड़कर लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है। इसलिए हमने भी नई परंपरा बनाने का फैसला किया है। इजरायल का जो सम्मान हमने पिछले 80 सालों में किसी गैर-इजरायली नागरिक को नहीं दिया, अब हम वो सम्मान ट्रंप को देने जा रहे हैं। हमारे शिक्षा मंत्री ने लंच के दौरान ट्रंप को यह सम्मान देने की घोषणा की थी।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। फोटो - रायटर्स
ट्रंप ने दी प्रतिक्रिया

बेंजामिन नेतन्याहू की बात सुनते ही ट्रंप ने कहा, "वास्तव में यह आश्चर्यजनक था। इसकी सराहना की जानी चाहिए।" अब कयास लगाए जा रहे हैं कि इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ट्रंप शिरकत कर सकते हैं, जिस दौरान उन्हें यह पुरस्कार दिया जाएगा।

जुलाई में हुआ था बदलाव

बता दें कि इजरायल शांति पुरस्कार देश का सर्वोच्च सम्मान है, जो कला और विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट लोगों को दिया जाता है। पहले यह सम्मान सिर्फ इजरायली नागरिकों को देने का प्रावधान था, लेकिन जुलाई 2025 में इजरायल ने इसमें संशोधन करते हुए विदेशी नागरिकों को भी इस पुरस्कार से नवाजने का फैसला किया था।