Sunday, November 3, 2019
Saturday, November 10, 2018
MP विधानसभा चुनाव के लिए 2800 लोगों ने भरा नामांकन
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन शुक्रवार को खत्म हो गए. नामांकन के आखिरी दिन बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अपने-अपने नामांकन भरे.
मध्य प्रदेश निर्वाचन आयोग के मुताबिक विधानसभा चुनाव-2018 की अधिसूचना जारी होने के बाद से 9 नवंबर शाम 6 बजे तक पूरे प्रदेश में 2,800 नामांकन-पत्र जमा हुए हैं. इनमें से सबसे ज्यादा नामांकन पत्र रीवा जिले में जमा हुए जहां प्रदेश में सबसे ज्यादा कुल 162 नामांकन भरे गए. इसके बाद सतना जिले में कुल 156 और भोपाल में कुल 105 नामांकन भरे गए.
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव-2018. के लिए 2 नवम्बर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई थी जो 9 नवम्बर तक चली. अब 12 नवम्बर को नामांकन फॉर्म की स्क्रूटनी होगी और 14 नवम्बर तक नामांकन वापस लिया जा सकेगा. मध्य प्रदेश में इसके बाद 28 नवम्बर को मतदान की तारीख तय की गई है जिसके लिए 11 दिसम्बर को मतगणना होगी
Monday, September 11, 2017
कलेक्टर ने #TI को दी गालियां, वीडियो viral होने पर भड़के ‛पुलिस वाले’
लखनऊ। मुरलीगंज में एक थाना प्रभारी को मधेपुरा के कलेक्टर मोहम्मद सोहेल अहमद की भाषा पर बवाल मचा हुआ है। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनके द्वारा अपशब्द कहे गए हैं। अब इस मामले में पुलिस एसोसिएशन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक मृत्युंजय कुमार सिंह ने इस मामले पर राज्य सरकार को पत्र लिखने की बात कही है।
सरकार को पत्र लिखने का फैसला
एसोसिएशन ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारी भी सहनशक्ति की सीमा है। ड्यूटी पर तैनात थानाध्यक्ष को डीएम द्वारा अमर्यादित बात कहा जाना कहीं से उचित नहीं है। एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को सीमा में रहने की भी नसीहत दी। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि अमार्यादित शब्द का प्रयोग करने की बात संज्ञान में आने के बाद हमने संबंधित अधिकारी के खिलाफ सरकार को पत्र लिखने का निर्णय लिया।
पुलिस के साथ अमर्यादित व्यवहार
अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह बॉर्डर पर सेना देश की रक्षा के लिए ड्यूटी पर तैनात रहती है, उसी तरह पुलिस कानून की रक्षा एवं अपराध नियंत्रण को लेकर ड्यूटी पर तैनात रहती है।किसी अधिकारी को पुलिस वाले के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का अधिकार नहीं है।कहीं संविधान या कानून में यह नहीं लिखा हुआ है कि आप उसके साथ अमर्यादित व्यवहार कीजिए। अगर कोई पुलिस गलत करता है, तो जांचोपरांत उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन उसके खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं किया जा सकता है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
मुरलीगंज के मवेशी प्रकरण में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें डीएम मुरलीगंज में एक थाना प्रभारी को अपशब्द कहते दिख रहे हैं, हालांकि डीएम ने इस वीडियो को तोड़ा-मरोड़ा हुआ बताया है। ये मामला पांच अगस्त का बताया जा रहा है। मुरलीगंज थाना क्षेत्र के सिंगियौन तीनकोनमा जेबीसी नहर में काफी संख्या में मृत मवेशी देखे जाने के विरोध में पांच सितंबर को मुरलीगंज में प्रदर्शन के दौरान का यह वाकया बताया जा रहा है।
लोगों ने पुलिस पर लगाया आरोप
उधर, कलेक्टर सोहेल अहमद ने इस वीडियो को फर्जी बताते हुए इसे वायरल करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है. इस वीडियो का प्रभाव पुलिस प्रशासन के साथ-साथ इलाके लोगों पर भी पड़ रहा है। यही वजह है कि घटना के 7 दिन बाद भी मुरलीगंज बाजार की दुकानें नहीं खुली। लोगों का कहना है कि बवाल करने के नाम पर पुलिस ने निर्दोष को पकड़ा है, जिसमें कई नाबालिग हैं। इस मामले में कुल 26 गिरफ्तारी हुई है। रविवार को कोशी क्षेत्र के डीआईजी ने लोगों को समझने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जबतक निर्दोषों को छोड़ा नहीं जाएगा तब तक दुकानें नहीं खुलेंगी।
Sunday, September 3, 2017
बीच सड़क #Kiss करते दिखे भगवाधारी बाबा, युवती ने बताई सच्चाई
नई दिल्ली। आपने ऐसा पहले ही कभी देखा होगा। दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर एक भगवाधारी बाबा और उसके साथ एक युवती के दो फोटो वायरल हो रहे हैं। इनमें से एक फोटो में बाबा किसी हाईवे पर कार के सामने युवती को किस कर रहा है। इस मामले में अब युवती सामने आई है और उसने पुलिस को शिकायत देकर इन तस्वीरों को वायरल करने वाले शख्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
तस्वीरों में दिखने वाली युवती दिल्ली की रहने वाली है। 30 अगस्त को हौज काजी थाना पुलिस और अपराध शाखा को दी गई शिकायत में पीड़िता ने इन तस्वीरों को गलत बताया। पीड़िता ने कहा कि उसकी कुछ समय बाद शादी होने वाली है, इसलिए उसे बदनाम किया जा रहा है।
पीड़िता ने तस्वीरों में दिखने वाले बाबा हरमेल दास को जानने की बात स्वीकार की है। पीड़िता की मानें तो उसका अपने पड़ोसियों से झगड़ा हुआ था। उसने पड़ोस में रहने वाले युवक पर फोटो वायरल करने का आरोप लगाया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसे धमकी देते हुए कहा था कि, ‘हर जगह तेरे पोस्टर लगा देंगे।’
आश्रम ने बाबा को बाहर निकाल दिया
फोटो वायरल होते ही आश्रम प्रबंधन ने एक बैठक की और हरमेल दास को दोषी मानते हुए उन्हें आश्रम से बाहर निकाल दिया, ताकि बरसों पुराने आश्रम की बदनामी न हो। हरमेल दास ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए किसी ने उनके खिलाफ साजिश रची है।
उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि ये कौन कर रहा है लेकिन मेरे साथ गलत हो रहा है, मुझे बदनाम किया जा रहा है।’ तस्वीरों में दिखने वाले अय्याश बाबा और युवती, दोनों ही खुद को बेकसूर बता रहे हैं। वह इस हरकत को उन्हें बदनाम करने की साजिश बता रहे हैं लेकिन इस मामले में सच की तस्वीर तो जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
Saturday, September 2, 2017
#Amit Shah को मिली सबसे पीछे की कुर्सी, हर कोई हैरान
मथुरा। Rss की तीन दिवसीय समन्वय बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को सबसे पीछे की कुर्सी मिली। कुर्सी की छठी लाइन की आखिरी सीट पर बैठे नजर आए। हालांकि, शनिवार की सुबह वह दिल्ली वापस रवाना हो गए। इसके बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल हुए।
समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न संगठनों के 190 प्रचारक शामिल हुए हैं। हॉल में 200 कुर्सी लगाई गई थी। मंच पर सिर्फ दो कुर्सियां हैं। एक पर संघ प्रमुख मोहन भागवत और दूसरे पर सह कार्यवाहक भैयाजी जोशी बैठे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बैठक में पीछे की सीट पर बैठे। उनके साथ राष्ट्रीय महामंत्री रामलाल बैठे थे।
शाह के पीछे की कुर्सी पर बैठने को लेकर संघ के प्रचारक कुछ नहीं बोल रहे हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि संघ की मीटिंग में प्रचारक महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए आगे की सीट पर प्रचारकों को स्थान मिला। शनिवार की सुबह अमित शाह वापस दिल्ली लौट गए। इस बैठक में शनिवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी शामिल होना था, हालांकि मोदी मंत्रीमंडल में बदलाव की वजह से वह मथुरा नहीं आ सके। रविवार तक होने वाली बैठक में देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था, लोकसभा चुनाव और पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर चर्चा होनी है।