Saturday, May 12, 2018

Iraq Election :आईएसआईएस की हार के बाद इराक में पहले आम चुनाव

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बगदाद. इराक में आईएसआईएस की हार के ठीक एक साल बाद पहली बार आम चुनाव हो रहे हैं। 329 सीटों वाली संसद के लिए इस बार करीब 7 हजार प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें सबसे प्रचलित नाम 2008 में अमेरिकी राष्ट्रपति जाॅर्ज बुश पर जूते फेंकने वाले इराकी पत्रकार मुंतजर अल-जैदी का है। इराक में ही 9 महीने जेल की सजा काटने के बाद जैदी अब सांसद बनकर देश के लिए काम करना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने सरकार में बड़ा पद हासिल करने की भी मंशा जताई है। जैदी के मुताबिक, अगर वे प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बनते हैं तो भारत के साथ संबंध बेहतर करना उनकी प्राथमिकता होगी। प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र करते हुए जैदी ने कहा कि वे दुनियाभर में काफी लोकप्रिय हैं और उम्मीद है कि वे अपने देश को सफलता की ओर ले जाएंगे।

भारत और इराक में काफी समानताएं
  भारत और इराक के संबंधों पर बात करते हुए जैदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच काफी समानताएं हैं। धार्मिक और विरासत के मामले में भी दोनों देश घुले-मिले हैं। इतिहास में दोनों ही देशों ने साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है।  जैदी के मुताबिक, इराक में कई ऐसे लोग हैं जिनका नाम महात्मा गांधी के नाम पर मिल जाएगा। उन्होंने भारतीयों से महेश भट्ट का नाटक ‘द लास्ट सैल्यूट’ देखने के लिए भी कहा। इसमें इमरान जाहिद नाम के अभिनेता ने अल-जैदी का किरदार निभाया है।

इराक के हालात के लिए अमेरिका दोषी
  इराक में 2003 में अमेरिका ने हमला कर सद्दाम हुसैन की सत्ता को खत्म कर दिया था। तब से अब तक इराक में ये चौथे आम चुनाव हैं। जैदी का कहना है कि अगर वे किसी बड़े पद तक पहुंचते हैं तो वे सबसे पहले इराकवासियों से किए गए अन्याय के लिए अमेरिका से आधिकारिक तौर पर माफी मांगने के लिए कहेंगे। जैदी का मानना है कि इराक के हालात के लिए सिर्फ जार्ज बुश जिम्मेदार हैं। उन्होंने इराक पर कब्जा किया और हमारे लोगों को खत्म किया।
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