Monday, November 25, 2019

विषय विशेषज्ञों और शिक्षकों ने बनाए रूब्रिक्स और ब्लू प्रिन्ट : राज्य स्तरीय आंकलन पर कार्यशाला

SHARE
रायपुर; राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा 18 नवम्बर से 23 नवम्बर तक आयोजित राज्य स्तरीय आंकलन कार्यशाला में उपस्थित विषय विशेषज्ञों और शिक्षको के विषयवार दल द्वारा योगात्मक (समेटिव)-दो के आंकलन के लिए रूब्रिक्स, ब्लू प्रिन्ट एवं पाठ्यक्रम आदि के स्वरूप के निर्माण के साथ सावधिक दो और रचनात्मक दो का कार्य किया। इसमें शैक्षणिक कैलेण्डर, पाठ्यक्रम और वर्तमान में विद्यार्थियों के कक्षावार और विषयवार सीखने के स्तर का भी ध्यान रखा गया। कार्यशाला में इसके निर्माण के तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी दी गई। 
    उल्लेखनीय है कि राज्य में शिक्षा गुणवत्ता संवर्धन के लिए राज्य स्तरीय आंकलन किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष कक्षा पहली से आठवीं तक का आंकलन कैलेण्डर भी जारी किया है। आंकलन कैलेण्डर के अनुसार रचनात्मक (फारमेटिव) आंकलन और सावधिक (पिरियोडिक) आंकलन होना है। कक्षा पहली से नवमीं तक योगात्मक (समेटिव) आंकलन इस वर्ष किया जाएगा। 
    राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के अधिकारियों ने बताया कि पाठ्यक्रम को दो हिस्सों योगात्मक एक और योगात्मक दो में बांटा गया है। पूर्व में योगात्मक एक आंकलन की पूरी तैयारी हो चुकी है। इसमें पाठ्यक्रम के रूब्रिक्स एवं ब्लू प्रिन्ट एवं पाठ्यक्रम बना लिए गए थे। रचनात्मक एक, सावधिक एक के आंकलन की तैयारी भी की गई थी। कार्य क्षेत्र में भी यह कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद अब योगात्मक दो, पिरियोडिक दो और रूब्रिक्स का शेष कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि भाषा कौशल आधारित है उसको छोड़ कर अन्य सभी विषयों में ब्लू प्रिन्ट एवं पाठ्यक्रम आवश्यकता पड़ने पर बदल सकते है।  
    राज्य में रचनात्मक (फारमेटिव) एक और सावधिक-एक का आंकलन अक्टूबर माह में हो चुका है। पहला योगात्मक आंकलन 9 दिसम्बर से 14 दिसम्बर तक होने जा रहा है। रचनात्मक -दो और सावधिक दो आंकलन 3 फरवरी से 8 फरवरी 2020 तक, समेटिव-दो आंकलन 6 अप्रैल से 11 अप्रैल 2020 तक किया जाना प्रस्तावित है। इन आंकलनो के लिए पाठ्यक्रम की इकाई और अंको का निर्धारण भी किया गया है। 
    राज्य स्तरीय आंकलन में कक्षागत प्रक्रियाओं में सुधार करते हुए शिक्षकों का सतत् क्षमता विकास और शिक्षण में सरल और सुरूचिपूर्ण ढंग से अवधारणाओं का स्पष्ट करने आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराना भी शामिल है। इसकी विशेषताएं-संपूर्ण राज्य में कक्षा पहलीं से आठवीं तक आंकलन की सामान्य समय-सारणी, प्रश्नों को सीखने का परिणाम (लर्निग आउटकम) के साथ मैपिंग, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच सकुल केन्द्रों पर और परिणामों के विश्लेषण के आधार पर सुझावात्मक कार्रवाईयां सुनिश्चित करना है। 
SHARE

Author: verified_user

0 comments: