काश मैं उन्हें मिलकर गले लगा पाती', शेख हसीना की बेटी ने मां के लिए क्यों कहा ऐसा
Bangladesh Crisis बांग्लादेश में हो रही हिंसक घटनाओं पर शेख हसीना के बेटी साइमा वाजेद ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि वह इस बात से बहुत दुखी हैं कि वो अपने देश में भारी उथल-पुथल के बीच अपनी मां के साथ नहीं थीं। साइमा वाजेद ने कहा कि वो अपने काम की प्रतिबद्धता के चलते ऐसा नहीं कर सकीं।

Bangladesh Crisis बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की बेटी ने अपने देश में हो रही हिंसा की घटनाओं से काफी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि वह इस बात से बहुत दुखी हैं कि वो अपने देश में भारी उथल-पुथल के बीच अपनी मां के साथ नहीं थीं।
काश मां को गले लगा पाती
साइमा वाजेद ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें दुख है कि वो अपनी मां को पद से हटाए जाने के बाद उन्हें न तो देख सकीं और न ही गले लगा सकीं। वाजेद ने एक पोस्ट में लिखा,
अपने देश बांग्लादेश में लोगों की जान जाने से दिल टूट गया है, जिससे मैं प्यार करती हूं। इतना दुखी हूं कि इस कठिन समय में मैं अपनी मां को देख और गले नहीं लगा सकती। मैं आरडी के रूप में अपनी भूमिका के प्रति प्रतिबद्ध हूं।
WHO में काम करती हैं साइमा
साइमा वाजेद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक हैं। 76 वर्षीय हसीना को नौकरी कोटे को लेकर कई सप्ताह तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद सोमवार शाम को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, जिसमें 400 से अधिक लोग मारे गए। कथित तौर पर बांग्लादेशी सेना द्वारा 45 मिनट का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद वे ढाका से भाग गईं।
हसीना को नौकरी कोटे को लेकर कई सप्ताह तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इस हिंसा में 400 से अधिक लोग मारे गए। कथित तौर पर बांग्लादेशी सेना द्वारा 45 मिनट का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद वे ढाका से भाग गईं।
इस्तीफा देने के बाद हसीना राजधानी ढाका से सैन्य विमान से भारत के लिए रवाना हुईं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि सरकार शेख हसीना को ठीक होने और अपने अगले कदम के बारे में बताने के लिए समय दे रही है। उन्होंने कहा, "बहुत कम समय में उन्होंने भारत आने के लिए अनुमति मांगी। हमें बांग्लादेश के अधिकारियों से उड़ान की मंजूरी के लिए एक अनुरोध भी मिला था।
काश मां को गले लगा पाती
साइमा वाजेद ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें दुख है कि वो अपनी मां को पद से हटाए जाने के बाद उन्हें न तो देख सकीं और न ही गले लगा सकीं। वाजेद ने एक पोस्ट में लिखा,
अपने देश बांग्लादेश में लोगों की जान जाने से दिल टूट गया है, जिससे मैं प्यार करती हूं। इतना दुखी हूं कि इस कठिन समय में मैं अपनी मां को देख और गले नहीं लगा सकती। मैं आरडी के रूप में अपनी भूमिका के प्रति प्रतिबद्ध हूं।
WHO में काम करती हैं साइमा
साइमा वाजेद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) में दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक हैं। 76 वर्षीय हसीना को नौकरी कोटे को लेकर कई सप्ताह तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद सोमवार शाम को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, जिसमें 400 से अधिक लोग मारे गए। कथित तौर पर बांग्लादेशी सेना द्वारा 45 मिनट का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद वे ढाका से भाग गईं।
हसीना को नौकरी कोटे को लेकर कई सप्ताह तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इस हिंसा में 400 से अधिक लोग मारे गए। कथित तौर पर बांग्लादेशी सेना द्वारा 45 मिनट का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद वे ढाका से भाग गईं।
इस्तीफा देने के बाद हसीना राजधानी ढाका से सैन्य विमान से भारत के लिए रवाना हुईं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि सरकार शेख हसीना को ठीक होने और अपने अगले कदम के बारे में बताने के लिए समय दे रही है। उन्होंने कहा, "बहुत कम समय में उन्होंने भारत आने के लिए अनुमति मांगी। हमें बांग्लादेश के अधिकारियों से उड़ान की मंजूरी के लिए एक अनुरोध भी मिला था।
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