Thandel Box Office Collection Day 5 नागा चैतन्य और साई पल्लवी की फिल्म थंडेल का कहर जारी है। नॉन-वीकेंड पर फिल्मों की जहां हालत पस्त हो जाती है लेकिन थंडेल के साथ ऐसा नहीं है। बॉलीवुड फिल्मों पर भारी पड़ रही नागा चैतन्य की मूवी ने बॉक्स ऑफिस पर पांचवें दिन भी धमाल मचाया है। जानिए थंडेल का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन।
थंडेल ने मंगलवार को किया इतना बिजनेस। फोटो क्रेडिट- एक्सदो साल बाद नागा चैतन्य (Naga Chaitanya) सिनेमाघरों में तूफान बनकर आए हैं। कस्टडी फिल्म के बाद थंडेल (Thandel) से नागार्जुन के बेटे छाए हुए हैं। तमिल और बॉलीवुड फिल्मों से क्लैश के बावजूद थंडेल बॉक्स ऑफिस पर राज कर रही है। आलम यह है कि नॉन-हॉलीडे और वीकडे में भी यह थमने का नाम नहीं ले रही है।
चंदू मोंडेती के निर्देशन में बनी थंडेल 7 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। साई पल्लवी (Sai Pallavi) और नागा चैतन्य स्टारर तेलुगु फिल्म ने पहले दिन अच्छी ओपनिंग की थी। पहला वीकेंड भी थंडेल के लिए धमाकेदार रहा था। हैरानगी की बात थी कि इसने सोमवार की परीक्षा पास कर ली। अब मंगलवार को फिल्म का कारोबार कैसा रहा, इसके नतीजे भी सामने आ गए हैं।
थंडेल का बॉक्स ऑफिस कलेक्शनथंडेल ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर चौथे दिन यानी सोमवार को 4.5 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था। मंगलवार को कारोबार में थोड़ी गिरावट आई है। सैकनिल्क के मुताबिक, भारत में थंडेल ने पांचवें दिन सिर्फ 3.50 करोड़ रुपये का बिजनेस किया है जो नॉन-वीकेंड के हिसाब से ठीक-ठाक कलेक्शन है।
इन भाषाओं में लुढ़की थंडेलइस बात में कोई दोराय नहीं है कि थंडेल का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अच्छा है, लेकिन यह झुठलाया नहीं जा सकता है कि तेलुगु भाषा को छोड़कर थंडेल बाकी भाषाओं में कम पाने में असफल हो रही है। फिल्म का सबसे ज्यादा कलेक्शन तेलुगु भाषा से ही आया है। हिंदी और तमिल में यह फिल्म लाखों में सिमट गई है।
तेलुगु हिंदी तमिल
पहला दिन 11.3 करोड़ 12 लाख 8 लाख
दूसरा दिन 11.9 करोड़ 1 लाख 1 लाख
तीसरा दिन 12.55 करोड़ 1 लाख 1 लाख
चौथा दिन 4.4 करोड़ 5 लाख 5 लाख
पांचवां दिन 3.50 करोड़ (शुरुआती आंकड़े)
कुल कलेक्शन 44.35 करोड़
थंडेल की कहानी
थंडेल की कहानी कुछ मछुआरों की है, जिसका लीडर नागा चैतन्य होता है। गुजरात के समुंद्री इलाकों में मछली पकड़ने के दौरान मछुआरे पाकिस्तानी बॉर्डर क्रॉस कर देते हैं और पकड़े जाते हैं। पाकिस्तानी जेल में उनके साथ क्या सलूक किया जाता है, थंडेल इसी कहानी को दर्शाता है। यह सच्ची घटना पर आधारित है।
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