Sunday, November 23, 2025

दिल्ली ब्लास्ट पर पहली बार Shah Rukh Khan ने दिया रिएक्शन, कहा- 'भेदभाव को भूलकर इंसानियत के...'

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 दिल्ली ब्लास्ट पर पहली बार Shah Rukh Khan ने दिया रिएक्शन, कहा- 'भेदभाव को भूलकर इंसानियत के...'




एक हालिया इवेंट में अभिनेता शाह रुख खान (Shah Rukh Khan) ने आतंकी हमलों के बारे में बात की। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले और दिल्ली ब्लास्ट का जिक्र करते हुए सैनिकों को सलाम किया। उन्होंने जाति और भेदभाव पर भी रिएक्ट किया है।





दिल्ली ब्लास्ट पर शाह रुख खान का रिएक्शन। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम


10 नवंबर 2025 को दिल्ली के लाल किला के पास हुए कार ब्लास्ट (Delhi Car Blast) ने पूरे देश को हिला दिया था। कई सेलिब्रिटीज ने भी इस हमले पर अपना रिएक्शन दिया था। अब शाह रुख खान ने पहली बार दिल्ली ब्लास्ट और पहलगाम अटैक को लेकर बयान दिया है।


शनिवार को मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया में द ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025 इवेंट का आयोजन किया गया, जहां बी-टाउन के बादशाह शाह रुख खान भी शामिल हुए। इस इवेंट में अभिनेता ने शांति और आतंकी हमले पर बात की। उन्होंने 26/11, पहलगाम आंतकी हमले और दिल्ली ब्लास्ट में गंवाए गए मासूम लोगों को ट्रिब्यूट दिया और सैनिकों को सलाम किया।


जान गंवाने वाले मासूमों को SRK ने दिया ट्रिब्यूट

इवेंट में शाह रुख खान ने कहा, "26/11 के आतंकवादी हमले, पहलगाम आतंकवादी हमले और हाल ही में हुए दिल्ली धमाकों में अपनी जान गंवाने वाले बेगुनाह लोगों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि और इन हमलों में शहीद हुए हमारे बहादुर सुरक्षाकर्मियों को मेरा सम्मानपूर्वक सलाम।"

शाह रुख ने सैनिकों के लिए दी स्पीच

जवान एक्टर ने आगे कहा, "आज मुझे देश के बहादुर सैनिकों और जवानों के लिए ये चार खूबसूरत लाइनें पढ़ने के लिए कहा गया है। जब कोई आपसे पूछे कि आप क्या करते हैं, तो गर्व से कहें कि मैं देश की रक्षा करता हूं। अगर कोई आपसे पूछे कि आप कितना कमाते हैं, तो थोड़ा मुस्कुराएं और कहें, मैं 1.4 बिलियन लोगों की दुआएं कमाता हूं। अगर वे पलटकर आपसे फिर पूछें, क्या आपको कभी डर नहीं लगता? उनकी आंखों में देखकर कहें, जो हम पर हमला करते हैं, उन्हें इसका एहसास होता है।"


जातिवाद-मानवता पर बोले शाह रुख

शाह रुख खान ने आगे जातिवाद और मानवता के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, "आइए हम सब मिलकर शांति की ओर कदम बढ़ाएं। आइए हम अपने आस-पास की जाति, धर्म और भेदभाव को भूलकर इंसानियत के रास्ते पर चलें ताकि हमारे देश की शांति के लिए हमारे वीरों की शहादत बेकार न जाए। अगर हमारे बीच शांति है, तो कोई भी भारत को हिला नहीं सकता, कोई भी भारत को हरा नहीं सकता और कोई भी हम भारतीयों का हौसला नहीं तोड़ सकता।"
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