Saturday, September 2, 2017

11 साल पहले टूटे पुल को महिला कमांडोज ने 15 दिन में बना दिया

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रायपुर, ब्यूरो। राज्य के नक्सल प्रभावित बीजापुर में 11 साल पहले नक्सली घटना में टूटे पुल को महिला कमांडोज की सुरक्षा में एक बार फिर बना दिया गया है। इस पुल के बनने से क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशानी से मुक्ति मिली है। इस पुल को बनाने में महिला कमांडो ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
टिंडोडी गांव में बने पुल को नक्सलियों ने 11 साल पहले साल 2006 में विस्फोट से उड़ा दिया था। सुरक्षा बलों ने क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण पुल को फिर से बनाने का बीड़ा उठाया और यह पुल फिर से बनकर तैयार है। इसके बाद से इस क्षेत्र के दलेर, बिरियाभूमि, आड़वाड़ा और टिंडोडी गांव के लगभग तीन हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सुरक्षाबलों ने लोगों की पेरशानी दूर करने के लिए पुल को दोबारा बनाना शुरू किया।

असल में निर्माण कार्य की सुरक्षा के लिए डीआरजी के साथ 30 की संख्या में महिला कमांडोज के दस्ते को चुना गया जो नक्सल विरोधी अभियान में पारंगत है और इन कमांडोज को गांव में बन रहे पुल की सुरक्षा में तैनात कर दिया गया। 31 अगस्त को पुल निर्माण का कार्य पूरा हो गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर महिला कमांडोज आत्मसमर्पित नक्सली हैं, जो यहां के दुर्गम इलाके और घने जंगलों से अच्छी तरह से परिचित हैं। इन महिला कमांडो को नक्सलियों के खिलाफ व्यापक प्रशिक्षण दिया गया है और वे आधुनिक हथियारों से लैस हैं। भारी बारिश होने के बावजूद महिला कमांडोज ने टिंडोडी गांव के बाहरी इलाके में अस्थायी शिविरों की स्थापना की और पिछले दो हफ्तों से इस परियोजना को सुरक्षा दी जिसकी वजह से यह पुल सफलतापूर्वक बन सका।


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