फिल्म इंडस्ट्री में हमेशा से ही एक्टर्स और एक्ट्रेसेज के बीच सैलरी में असमानता एक बड़ा मुद्दा रहा है। एक्ट्रेसेज खुलकर इस असमानता के बारे में बात करती रहती हैं। हाल ही में भूल चूक माफ फेम एक्ट्रेस वामिका गब्बी (Wamiqa Gabbi) ने इस बारे में अपनी राय रखी है।
वामिका गब्बी ने सैलरी की असमानता पर तोड़ी चुप्पी। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्रामवामिका गब्बी पंजाबी सिनेमा के बाद अब बॉलीवुड में छा गई हैं। 2007 में करीना कपूर और शाहिद कपूर की फिल्म जब वी मेट से डेब्यू करने वालीं वामिका इन दिनों लेटेस्ट हिट मूवी भूल चूक माफ (Bhool Chuk Maaf) में दिखाई दे रही हैं।
फिल्म की सफलता के बीच वामिका गब्बी ने एक हालिया इंटरव्यू में एक्टर्स और एक्ट्रेसेज के बीच पेय गैप यानी सैलरी में असमानता के मुद्दे पर बात की है। फिल्मी गलियारों में हमेशा से ही हीरो को हीरोइनों से ज्यादा फीस दी जाती है। उनका मानना है कि हीरो में दर्शकों को सिनेमाघरों में खींचने की क्षमता होती है। मगर वामिका ऐसा नहीं मानती हैं।
पेय डिस्पैरिटी पर बोलीं वामिकावामिका गब्बी ने जूम को दिए इंटरव्यू में बताया की फीस की असमानता ने उन्हें कभी परेशान नहीं किया। बकौल एक्ट्रेस, "फैक्ट है कि सैलरी असमानता मौजूद है लेकिन मुझे परेशान नहीं करता है। मगर यह भावना है कि आप एक महिला हैं और आपको कम पैसे मिलेंगे और ऐसा ही है। तर्क यह है कि एक पुरुष अभिनेता इतने सारे दर्शकों को आकर्षित कर सकता है, लेकिन आप नायिका के बिना फिल्म नहीं बना सकते। मुझे इसके पीछे का तर्क समझ में नहीं आता। कभी-कभी वे एक नायक को लेते हैं और बहुत सारे पैसे देते हैं और फिर फिल्म नहीं चलती। उनकी फीस पर असर क्यों नहीं पड़ता?"
बिना हीरोइन के नहीं बनती फिल्मभूल चूक माफ एक्ट्रेस वामिका गब्बी ने आगे कहा, "मैं उस पैसे को कमाने के लिए अलग-अलग तरीके खोजना चाहती हूं। मैं इसे क्रिएटिव तरीके से करना चाहती हूं जहां मैं खुश महसूस करूं और अपने लिए फीस के अंतर को कम कर सकूं। मैं इस फैक्ट से इनकार नहीं कर सकती कि फीस में असमानता है। कोई भी ‘मेल सेंट्रिक’ फिल्म फीमेल लीड के बिना नहीं चल सकती।"
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